Prime Minister Narendra Modi: मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'ऑपरेशन महादेव' के समय पर सवाल उठाने वाले विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला. इस ऑपरेशन में पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया गया था. विपक्ष ने इस ऑपरेशन के समय को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए थे, जिसका जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कटाक्ष किया. लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा, "क्या सरकार ने ऑपरेशन महादेव के लिए 'सावन के सोमवार' का इंतज़ार किया था?"
संसद में 'ऑपरेशन महादेव' पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "इन लोगों को क्या हो गया है? इस हद तक निराशा? पिछले कई हफ्तों से 'पहलगाम के आतंकवादियों का क्या हुआ' जैसे सवाल उठ रहे थे, लेकिन अब वे ऑपरेशन के समय पर सवाल उठा रहे हैं." प्रधानमंत्री ने विपक्ष की आलोचना को निराशावादी और अनुचित करार दिया.
#WATCH | PM Narendra Modi says, "Yesterday, our security forces brought the attackers of Pahalgam to justice by conducting Operation Mahadev..." pic.twitter.com/ptzel6rhxC
— ANI (@ANI) July 29, 2025
कांग्रेस पर पाकिस्तान को क्लीन चिट देने का आरोप
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने पहलगाम आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाकर पड़ोसी देश को क्लीन चिट दे दी है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "देश हैरान है कि कांग्रेस ने पाकिस्तान को क्लीन चिट दे दी है. वे कह रहे हैं कि पहलगाम के आतंकवादी पाकिस्तान से थे. हमें इसका सबूत दीजिए. पाकिस्तान भी वही मांग कर रहा है जो कांग्रेस कर रही है..."
अखिलेश यादव ने भी उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने 'ऑपरेशन महादेव' के समय पर सवाल उठाते हुए कहा, "मैं ऑपरेशन महादेव के लिए आपको बधाई क्यों नहीं दे रहा हूं? सभी राजनीतिक दलों ने सही समय पर सरकार का समर्थन किया था. आखिर कल एनकाउंटर क्यों हुआ?" उनके इस बयान ने संसद में चर्चा को और गर्म कर दिया.
ऑपरेशन महादेव: सेना, सीआरपीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन की सफलता की जानकारी देते हुए कहा, "एक संयुक्त ऑपरेशन महादेव में, भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहलगाम आतंकी हमले में शामिल तीन आतंकवादियों को मार गिराया है." मारे गए आतंकवादियों की पहचान सुलेमान, अफगान और जिब्रान के रूप में हुई, जो लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के सदस्य थे. यह मुठभेड़ 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के तीन महीने बाद हुई, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी.