इंजीनियर की बात ही नहीं मानी! आखिर कैसे गिर गई छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति?

Maharashtra News: महाराष्ट्र के सिंधदुर्ग के मालवन में राजकोट किले में स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति गिरने की जानकारी लोकल इंजीनियर ने कुछ दिन पहले नौसेना के अधिकारियों को दे दी थी. पत्र में बारिश और हवा के कारण मूर्ति में इस्तेमाल किए गए नट और बोल्ट में जंग लगने का हवाला दिया गया था.

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Maharashtra News: बीते कुछ दिनों पहले सिंधदुर्ग के मालवन में राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति गिरने से विवाद पैदा हो गया.  हालांकि इसके गिरने से पहले ही लोकल इंजीनियर ने इसकी जर्जर हालत के बारे में जानकारी नौसेना को दी थी.  राज्य के लोक निर्माण विभाग में कार्यरत इंजीनियर ने इसको लेकर एक पत्र भी लिखा था.

कोस्टल ऑफिसर को लिखे गए पत्र में इंजीनियर ने बताया था कि स्टैच्यू खराब हालत में है. इसे जोड़ने में इस्तेमाल किए गए नट और बोल्ट जंग खा गए थे. 

जर्जर अवस्था में थी मूर्ति 

रिपोर्ट के अनुसार, इंजीनियर द्वारा 20 अगस्त को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि नौसेना दिवस के अवसर पर 4 दिसंबर 2023 को मालवन तालुका के राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित की गई थी.  इस साल जून में इस प्रतिमा की मरम्मत की गई. यह काम मूर्तिकार जयदीप आप्टे ने किया. पत्र में लिखा गया कि यह मूर्ति अभी भी जर्जर अवस्था में है क्योंकि इसे जोड़ने में इस्तेमाल किए गए नट और बोल्ट में जंग लग गई है.  ऐसा बारिश और समुद्र तट से आने वाली नमकीन हवाओं के कारण हुआ है.

स्थायी समाधान की थी मांग 

गौरतलब है इस प्रतिमा का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. पत्र में पर्यटकों, स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों का हवाला देते हुए कहा गया कि विभिन्न वर्ग के लोगों ने प्रतिमा को लेकर असंतोष व्यक्त किया है. पत्र में आगे कहा गया कि हम आपसे आग्रह करते हैं कि मूर्तिकार को तुरंत इस समस्या के समाधान के लिए लाएं और इसका स्थायी समाधान करने का निर्देश दें.