Republic Day 2026

Republic Day 2026: 77वें गणतंत्र दिवस पर पीएम मोदी ने पहनी खास पगड़ी, फिर विविधता का दिया संदेश, जानें सांस्कृतिक मायने

77वें गणतंत्र दिवस 2026 पर पीएम मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में लाल रंग की रजाईदार पगड़ी पहनी, जो राजस्थान की पारंपरिक शैली की याद दिलाती है. पगड़ी भारत की सांस्कृतिक विविधता और विरासत का प्रतीक बनी.

@braddy_Codie05
Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: भारत आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पगड़ी हमेशा की तरह ध्यान खींच रही है. इस बार उन्होंने लाल रंग की टाई-डाई पगड़ी पहनी, जिस पर सुनहरे जरी वर्क की झलक थी. यह पगड़ी राजस्थान की पारंपरिक शैली की याद दिलाती है. उनके पहनावे में नीला-फिरोजा कुरता-पायजामा और हल्की नीली जैकेट भी शामिल थी. पगड़ी केवल फैशन नहीं, बल्कि भारत की विविध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है.

पीएम मोदी की पगड़ी का सांस्कृतिक संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पगड़ी हर साल गणतंत्र दिवस का आकर्षक हिस्सा बन जाती है. इस बार लाल रंग की टाई-डाई पगड़ी पर सुनहरे जरी डिजाइन ने लोगों का ध्यान खींचा. यह पगड़ी सिल्क ब्रॉकेड की लगती थी और इसमें भारतीय पारंपरिक कारीगरी झलक रही थी. पगड़ी का चयन जानबूझकर किया जाता है और यह भारत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है.

पहले गणतंत्र दिवस की पगड़ी की यादें

पिछले साल 76वें गणतंत्र दिवस पर पीएम मोदी ने लाल और पीली बंधेज पगड़ी पहनी थी. इस रंग संयोजन ने 'स्वर्णिम भारत-विरासत और विकास' थीम को उजागर किया. ऐसे रंग और डिजाइन भारत की पारंपरिक वस्त्र कला और राज्यों की विविधता को दर्शाते हैं. हर वर्ष पगड़ी के रंग, शैली और डिजाइन के माध्यम से भारत की अलग-अलग सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया जाता है.

पगड़ी में छिपा प्रतीकात्मक अर्थ

पीएम मोदी की पगड़ी केवल पोशाक नहीं, बल्कि भारत की एकता और विविधता का प्रतीक है. राजस्थान, गुजरात और उत्तराखंड की विभिन्न पारंपरिक शैलियों की झलक पगड़ी में देखने को मिलती है. यह पगड़ी समारोह की गरिमा और सांस्कृतिक पहचान दोनों को जोड़ती है. हर गणतंत्र दिवस पर उनका पहनावा भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने का प्रतिनिधित्व करता है.

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की यात्रा

गणतंत्र दिवस के अवसर पर पीएम मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का दौरा किया. वहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदानों को याद किया. पगड़ी के चयन में भी यही भाव झलकता है- भारत की विरासत, साहस और गौरव को सम्मानित करना. यह भारतीय परंपरा और आधुनिक शैली का एक सुंदर मिश्रण दिखाता है.

कर्तव्य पथ और परेड का अनुभव

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के बाद पीएम मोदी कर्तव्य पथ पहुंचे और गणतंत्र दिवस परेड देखी. इस साल परेड 'वंदे मातरम् के 150 वर्ष' की थीम पर आधारित थी. परेड में भारत की विकास यात्रा, रंग-बिरंगी संस्कृति और सशक्त सेना की झलक दिखाई गई. पीएम मोदी की पगड़ी ने इस राष्ट्रीय आयोजन में एक विशेष सांस्कृतिक संदेश जोड़ दिया.

पगड़ी के माध्यम से भारत की विविधता

प्रधानमंत्री मोदी की पगड़ी परंपरा 2014 से गणतंत्र दिवस पर निभाई जा रही है. हर साल अलग रंग, डिजाइन और शैली से देश की विविधता और ऐतिहासिक धरोहर को प्रदर्शित किया जाता है. यह पगड़ी न केवल फैशन का प्रतीक है बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और एकता का संदेश भी देती है.