बायोमेट्रिक की वजह से नहीं खुला गेट, पलभर में डूबे छात्र, हादसे के बाद उठ रहे सवाल
दिल्ली के राजेंद्र नगर में कोचिंग के लाइब्रेरी में बढ़ाई कर रहे 3 तीन छात्रों की डूबने से मौत हो गई. कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत हो गई. बेसमेंट में लाइब्रेरी बनी हुई थी. यहीं बैठकर छात्र पढ़ाई कर रहे थे. छात्रों का कहना है कि मजह दो से तीन मीनट में 10 फुट पानी भर गया.
दिल्ली का राजेंद्र नगर का इलाका सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों का हब है. यहां कई कोचिंग सेंटर हैं, जहां हजारों छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं. दिल्ली में शनिवार शाम को हुई बारिश के चलते ओल्ड राजेंद्र नगर के राउ IAS कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भर गया. जिससे तीन छात्रों की मौत हो गई. हादसे के बाद पुलिस ने कोचिंग सेटर के मालिक और कोऑर्डिनेटर को हिरासत में ले लिया है.
कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत हो गई थी जिनकी पहचान श्रेया यादव, तानिया सोनी और नेविन डेल्विन के रूप में हुई है. पुलिस ने बताया कि शाम 7 बजे सूचना मिलने के बाद NDRF को बुलाया गया. देर रात को ही 3 स्टूडेंट के शव निकाले गए. वहीं, 14 छात्रों को सुरक्षित निकाल लिया गया है.
लाइब्रेरी में बायोमेट्रिक गेट
कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में लाइब्रेरी बनी हुई थी. यहीं बैठकर छात्र पढ़ाई कर रहे थे. छात्रों का कहना है कि मजह दो से तीन मिनट में 10 फुट पानी भर गया. पानी काफी गंदा था. छात्रों कहना है कि बेसमेंट में बनी लाइब्रेरी में बायोमेट्रिक गेट लगा था, जिसके कारण स्टूडेंट अंदर फंस गए. पानी के दवाब से बायोमेट्रिक सिस्टम फेल हो गया इसी वजह से छात्र अंदर से बाहर नहीं निकल पाए. हालांकि पुलिस का कहना है कि ये जांच का विषय है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शाम 7 बजे लाइब्रेरी बंद हो रही थी, उसी समय स्टूडेंट बाहर निकल रहे थे. इसी दौरान बहुत तेज प्रेशर से पानी अंदर आने लगा. लाइब्रेरी से निकलने का 1 ही गेट है. बेसमेंट से निकलने के लिए भी 1 ही सीढ़ी है. स्टूडेंट को बचाने के लिए रस्सियां फेंकी गईं, लेकिन पानी गंदा होने के कारण दिखाई नहीं दी. हादसे के बाद से कोचिंग सेंटर के बाहर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है. छात्र एमसीडी और कोचिंग सेंटर के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं.
घटना को लेकर जिम्मेदारों ने क्या कहा?
पुलिस ने बताया कि रेस्क्यू के दौरान पानी में बेंच तैर रही थी. इसलिए बच्चों को बाहर निकालने में दिक्कतें हुईं. जब रेस्क्यू खत्म हुआ तब भी बेसमेंट में 7 फीट पानी था. डीसीपी सेंट्रल एम हर्षवर्धन ने कहा कि हमने आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है. हमारी फोरेंसिक टीमें यहां हैं. फोरेंसिक सबूत जुटाने की प्रक्रिया चल रही है. हम इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि हमें उचित जांच करनी चाहिए. हम एक मजबूत मामला दर्ज करने और सच्चाई का पता लगाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. अब तक दो लोगों को हिरासत में लिया गया है.