रांची में वाटर कैनन चला तो बौछार में गमछा लहराकर झूमने लगे प्रदर्शनकारी, देखें वीडियो
रांची में विधानसभा घेराव के लिए निकले हजारों अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच धुर्वा मोड पर तनाव की स्थिति बनी. पुलिस ने भीड को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन चलाया, लेकिन कुछ छात्र पानी की तेज धार के बीच ही हाथ उठाकर और गमछा लहराकर झूमते नजर आए.
रांची: रांची में अभ्यर्थियों के विधानसभा घेराव के दौरान सोमवार को धुर्वा मोड पर तनावपूर्ण माहौल के बीच एक अनोखा दृश्य देखने को मिला. पुलिस ने भीड को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन पानी की तेज धार से पीछे हटने के बजाय कुछ प्रदर्शनकारी उसी के नीचे हाथ उठाकर और गमछा लहराकर झूमते नजर आए. प्रदर्शनकारियों का यह अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है.
विधानसभा घेराव के लिए हजारों अभ्यर्थी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से निकले थे. धुर्वा मोड और जगन्नाथपुर मंदिर के आसपास पुलिस ने कई स्तर की बैरिकेडिंग कर रखी थी. प्रदर्शनकारियों का जत्था बैरिकेड के पास पहुंचा तो पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच तनाव बढ गया. कुछ अभ्यर्थियों के बैरिकेड पार करने की कोशिश के बाद पुलिस ने वाटर कैनन चलाया.
Also Read
कैसी है वहां की स्थिति?
वाटर कैनन की बौछार के बीच कुछ छात्र पीछे हटने के बजाय नारे लगाते और झूमते नजर आए. कई प्रदर्शनकारियों ने एक दूसरे का हाथ थाम लिया और पानी के बीच ही विरोध जताते रहे. इस दौरान कुछ युवाओं ने गमछा लहराकर अपने अंदाज में पुलिस कार्रवाई का सामना किया.
17 दिनों से जारी है भूख हडताल
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. उनका दावा है कि वे 17 दिनों से भूख हडताल पर हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं से जुडे मामलों में पारदर्शी जांच और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उनकी मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय से आंदोलन करने के बावजूद उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ है. इसी वजह से सोमवार को हजारों अभ्यर्थी विधानसभा घेराव के लिए सडक पर उतरे.
बिहार के छात्र आंदोलनों की आई याद
वाटर कैनन के नीचे छात्रों के झूमने और नारे लगाने के वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी तुलना बिहार के छात्र आंदोलनों से की जा रही है. प्रदर्शनकारियों के इस अंदाज को कई लोग आंदोलन के दौरान युवाओं के आत्मविश्वास और जोश से जोडकर देख रहे हैं.
हालांकि मौके पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बना रहा. पुलिस ने बैरिकेडिंग के जरिए प्रदर्शनकारियों को आगे बढने से रोकने की कोशिश की. दूसरी ओर अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं दिखे.
JPSC और JSSC को लेकर उठ रही मांगें
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में JPSC और JSSC से जुडी परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा कथित अनियमितताओं की जांच शामिल है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में स्पष्टता और निष्पक्षता जरूरी है, ताकि लंबे समय से तैयारी कर रहे युवाओं के भविष्य पर असर न पडे.
धुर्वा मोड पर वाटर कैनन के बीच छात्रों के झूमने का दृश्य आंदोलन की गंभीरता के बीच अलग तरह की तस्वीर पेश करता नजर आया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद उनका आंदोलन और मांगें जारी रहेंगी.