'ट्रैक्टर संसद की ओर घुमा दिया होता तो बांग्लादेश की तरह...', ये क्या बोल गए राकेश टिकैत?
भाकियू लीडर ने राकेश टिकैत ने बांग्लादेश जैसे हालात भारत में पैदा होने की चेतावनी दी है. इतना ही नहीं टिकैत ने यह भी कहा, 'अगर 26 जनवरी के दिन लाल किले की बजाय ये लोग ट्रैक्टरों को संसद की ओर मोड़ देते तो काम हो जाता.अब हम तैयार बैठे हैं. बस इस सरकार को फिर से कुछ गड़बड़ करने दो. इस बार हम कोई चूक नहीं करेंगे. वह तो हमसे इस दौरान चूक हो गई कि संसद की ओर ट्रैक्टरों को नहीं घुमाया'.
किसान नेता राकेश टिकैत ने बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन पर बात करते हुए भारत में भी ऐसा हाल होने की चेतावनी दी है. मीडिया की ओर से बांग्लादेश को लेकर सवाल पूछे जा रहा है. मीडिया की ओर से बांग्लादेश को लेकर सवाल पूछे जाने पर राकेश टिकैत ने कहा कि वहां वह 15 साल से जो सत्ता में थे, उन्होंने विपक्ष के सारे नेताओं को जेल में डाल रखा था. अब वो लोग बंद हैं. उन्हें भागने के लिए कह दिया गया है.यही हाल अब यहां भी होगा. ये ढूंढे नहीं मिलेगा. वह तो अच्छा हुआ कि इन लोगों ने बहका दिया और ट्रैक्टर लेकर लोग लाल किले पर चले गए.
भाकियू लीडर ने कहा कि अगर 26 जनवरी के दिन लाल किले की बजाय ये लोग ट्रैक्टरों को संसद की ओर मोड़ देते तो काम हो जाता. उस दिन लाखों लोग पीछे थे. राकेश टिकैत ने कहा, 'अगर ये लोग संसद की ओर मुड़ जाते तो उसी दिन सब निपट जाता. अब यह निपटेगा.अब तैयारी है जनता की. जनता इसके लिए तैयार बैठी है'.
'अब हम तैयार बैठे हैं...'
राकेश टिकैत ने आगे कहा,'अब हम तैयार बैठे हैं. बस इस सरकार को फिर से कुछ गड़बड़ करने दो. इस बार हम कोई चूक नहीं करेंगे. वह तो हमसे इस दौरान चूक हो गई कि संसद की ओर ट्रैक्टरों को नहीं घुमाया'.
'बांग्लादेश जैसा ही हाल भारत में होगा...'
वहीं कोलकाता आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी महिला डॉक्टर से रेप और हत्या मामले पर भी राकेश टिकैत ने सवाल उठाया. टिकैत ने कहा कि रेप और हत्या हुई. इसका केस उनके ऊपर दर्ज हो गया है लेकिन पूरे देश में इसको हाइलाइट करने का क्या मतलब है. क्या यह इसलिए हो रहा है कि सरकार गिरा दिया जाए और राष्ट्रपति शासन लगाया जाए. इसका यही मकसद है. अगर ऐसा ही रहा तो फिर बांग्लादेश जैसा ही हाल यहां होगा. ऐसा करना ठीक नहीं होगा. बता दें कि अब राकेश टिकैत के इस बयान पर काफी आलोचना हो रही है.
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