पंजाब सरकार ने सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को तुरंत और मुफ्त इलाज देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. राज्य की फरिश्ते स्कीम-2024 को अब केंद्र सरकार की पीएम-राहत स्कीम-2025 में मिला दिया गया है. इससे इलाज की प्रक्रिया आसान होगी और मरीजों को बिना पैसे दिए अस्पताल में उपचार मिल सकेगा.
पंजाब सरकार ने सड़क हादसों में घायल लोगों के इलाज को और बेहतर बनाने के लिए फरिश्ते स्कीम-2024 को प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट (पीएम-राहत) स्कीम-2025 में शामिल कर दिया है. परिवहन विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है. सरकार का कहना है कि दोनों योजनाओं को एक साथ लाने से इलाज में देरी नहीं होगी और पीड़ितों को एक ही व्यवस्था के तहत कैशलेस उपचार मिलेगा. यह योजना भारत की किसी भी सड़क पर मोटर वाहन दुर्घटना में घायल व्यक्ति पर लागू होगी, यदि उसे ट्रॉमा या गंभीर इलाज की जरूरत होगी.
नई व्यवस्था के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों को सड़क हादसे के पीड़ितों का तुरंत इलाज शुरू करना होगा. अस्पतालों को इलाज से जुड़ी सभी जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करनी होगी और भुगतान के लिए तय प्रक्रिया के अनुसार दावा भेजना होगा. स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA) पंजाब को भुगतान निपटान एजेंसी बनाया गया है. अस्पतालों को मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड से भुगतान किया जाएगा. अगर किसी घायल व्यक्ति को आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना जैसी दूसरी सरकारी योजना का लाभ भी मिलता है, तो भुगतान इस तरह किया जाएगा कि एक ही इलाज के लिए दो बार दावा न हो.
सरकार इस योजना की निगरानी के लिए डिजिटल डैशबोर्ड भी तैयार करेगी. इसमें सड़क हादसों की जानकारी, अस्पताल में भर्ती मरीज, इलाज की स्थिति, दावों का निपटारा और फंड के उपयोग पर नजर रखी जाएगी. जिला स्तर पर हर महीने और राज्य स्तर पर हर तीन महीने में समीक्षा बैठक होगी. सरकार का मानना है कि इससे योजना का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचेगा. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की फरिश्ते स्कीम अब औपचारिक रूप से पीएम-राहत योजना का हिस्सा मानी जाएगी. किसी भी शिकायत या विवाद का समाधान केंद्र सरकार के तय शिकायत निवारण सिस्टम के अनुसार किया जाएगा.