महाराष्ट्र के मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में रैगिंग, हिन्दू छात्रा को जबरन नमाज पढ़ने पर किया गया मजबूर; टीचर और वार्डन सस्पेंड
महाराष्ट्र के पालघर स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में छात्रा को जबरन नमाज पढ़ने के लिए मजबूर करने का मामला सामने आया है. रैगिंग के इस आरोप के बाद तनाव फैल गया, विरोध प्रदर्शन हुआ.
नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पालघर जिले के वाडा तालुका में स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में रैगिंग का गंभीर मामला सामने आया है. आरोप है कि एक छात्रा ने अपनी सहपाठी को जबरन नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया. इस घटना के सामने आने के बाद कॉलेज परिसर में तनाव फैल गया और छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया. हालात को देखते हुए कॉलेज में पुलिस बल तैनात किया गया है.
यह घटना रविवार रात पोशेरी इलाके में स्थित मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में हुई. पीड़िता नासिक की रहने वाली प्रथम वर्ष की फिजियोथेरेपी छात्रा है. छात्रा की शिकायत के अनुसार, जब वह छात्रावास की पांचवीं मंजिल पर जा रही थी, तब एक नकाबपोश छात्रा ने उसे रोका. इसके बाद उस पर नमाज पढ़ने का दबाव डाला गया.
कैसे हुआ मामले का खुलासा?
घटना के बाद पीड़िता ने अगली सुबह अपने परिवार को पूरी जानकारी दी. परिवार ने कॉलेज प्रबंधन से संपर्क किया, लेकिन वहां से संतोषजनक जवाब नहीं मिला. इसके बाद परिजनों ने विश्व हिंदू परिषद से संपर्क किया. मामला सामने आते ही कॉलेज परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया और छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया.
कॉलेज प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छात्रावास के वार्डन और एक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. प्रबंधन का कहना है कि छात्र सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए त्वरित कदम उठाए.
पालघर के पुलिस अधीक्षक ने क्या बताया?
पालघर के पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख ने खुद कॉलेज परिसर का दौरा कर हालात का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र रैगिंग निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह मामला रैगिंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और अन्य छात्रों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं. पुलिस ने साफ किया है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.