नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह नई दिल्ली पहुंच गए. भारत इस सप्ताह 18वें BRICS Summit 2026 की मेजबानी कर रहा है. पुतिन के भारत पहुंचने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी अहम मुलाकात और BRICS से जुड़े कार्यक्रमों की तैयारियां तेज हो गई हैं. पुतिन का स्वागत दिल्ली एयरपोर्ट पर विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने किया.
विदेश मंत्रालय ने रूस और भारत के संबंधों को लंबे समय से चले आ रहे मजबूत और रणनीतिक रिश्तों का हिस्सा बताया है. राष्ट्रपति पुतिन का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है. इसका एक कारण यह भी है कि फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब वह रूस के बाहर किसी BRICS Summit में व्यक्तिगत रूप से शामिल हो रहे हैं.
Warmly welcome President Vladimir Putin of Russia for the 18th BRICS Summit. He was received by MoS @KVSinghMPGonda at the airport.
India and Russia share multifaceted and longstanding ties anchored in Special and Privileged Strategic Partnership.#BRICS2026 #BRICSIndia2026… pic.twitter.com/pwxcO2aHLt— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) September 10, 2026Also Read
नई दिल्ली में 18वां BRICS Summit 12 सितंबर से शुरू होगा. भारत इस समय BRICS की अध्यक्षता कर रहा है. उसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करना है. भारत ऐसे समय में BRICS को मजबूत करना चाहता है, जब दुनिया में आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं.
पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच शुक्रवार, 11 सितंबर को द्विपक्षीय बैठक होनी है. इस बैठक में भारत रूस संबंध, व्यापार, आर्थिक सहयोग और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है. दोनों देशों के बीच लंबे समय से रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और तकनीक सहित कई क्षेत्रों में सहयोग रहा है. ऐसे में इस बैठक को दोनों देशों के भविष्य के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
रूसी राष्ट्रपति शुक्रवार को BRICS बिजनेस फोरम के पूर्ण सत्र को भी संबोधित करेंगे. यह मंच BRICS देशों के उद्योगपतियों और कारोबारी प्रतिनिधियों को आपस में बातचीत करने का अवसर देता है. पुतिन प्रधानमंत्री मोदी के साथ INNOPROM एक्सीबिशन का दौरा भी करेंगे. इस प्रदर्शनी का आयोजन भारत और रूस के उद्योग एवं व्यापार मंत्रालयों ने मिलकर किया है.