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दुनिया क्यों कर रही है भारत से ट्रेड डील की होड़? पीएम मोदी ने बताई बड़ी वजह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राइजिंग भारत समिट में कहा कि विकसित देश अब भारत के साथ व्यापार समझौते करने के लिए उत्सुक हैं. उन्होंने इसे पिछले वर्षों में हुए आर्थिक सुधारों और स्थिर नीति का परिणाम बताया.

ani
Kuldeep Sharma

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राइजिंग भारत समिट में देश की बदलती वैश्विक छवि पर विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि एक समय था जब भारत को आर्थिक रूप से कमजोर और नीतिगत असमंजस वाला देश माना जाता था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. उनके अनुसार, विकसित देश स्वयं आगे बढ़कर भारत के साथ व्यापार समझौते करना चाहते हैं. प्रधानमंत्री ने इसे बीते दशक में हुए सुधारों और आत्मविश्वास में आई वृद्धि का परिणाम बताया.

मानसिकता में बदलाव की बात

प्रधानमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक देश में हीन भावना बनी रही. उन्होंने कहा कि विदेशी विचारधाराओं के प्रभाव से भारत अपनी क्षमता पर भरोसा नहीं कर पा रहा था. आजादी के बाद भी यह सोच पूरी तरह खत्म नहीं हुई. उनके अनुसार, अब देश ने इस मानसिकता को पीछे छोड़ दिया है और अपनी ताकत को पहचानना शुरू किया है.

आर्थिक सुधारों का असर

मोदी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में नीतियों और प्रशासन में कई सुधार किए गए हैं. उन्होंने दावा किया कि पहले जिस तरह की नीति पक्षाघात की स्थिति थी, वह अब नहीं है. उनके मुताबिक, मजबूत आर्थिक ढांचा और स्थिर शासन ने दुनिया का भरोसा जीता है. यही कारण है कि व्यापार वार्ताओं में भारत की स्थिति पहले से मजबूत हुई है.


यूरोप और अमेरिका से समझौते

प्रधानमंत्री ने हाल में हुए समझौतों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ हुआ मुक्त व्यापार समझौता ऐतिहासिक है. अमेरिका के साथ भी अंतरिम व्यापार समझौते के तहत टैरिफ में कमी की घोषणा हुई है. इन कदमों को भारत की बढ़ती वैश्विक भागीदारी के रूप में देखा जा रहा है.

ओमान और इज़रायल से सहयोग

भारत ने ओमान के साथ व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता किया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ने की उम्मीद है. इजरायल के साथ भी मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत आगे बढ़ रही है. दोनों देशों ने निवेश और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है.

आगे का क्या है रास्ता

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब अपनी खोई क्षमता को फिर से हासिल करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में और भी देश भारत के साथ साझेदारी के लिए आगे आएंगे. उनके मुताबिक, यह बदलती सोच और सुधारों का ही परिणाम है कि दुनिया भारत को नए नजरिए से देख रही है.