'असम को हिंसा की आग में धकेला...', गुवाहाटी में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर किया तीखा हमला
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने सियासी फायदे के लिए असम में अस्थिरता पैदा की और असम को हिंसा की आग में धकेला.
गुवाहटी: पीएम मोदी अपने दो दिवसीय दौरे पर असम पहुंचे हैं. पीएम मोदी ने गुवाहाटी हवाई अड्डे से अजारा तक एक रोड शो में शिरकत की. इस दौरान पीएम मोदी ने सभा को संबोधित भी किया. पीएम मोदी ने मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर जमकर प्रहार किया.
पीएम मोदी ने सभा को किया संबोधित
पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार असम की हर विरासत और हर गौरव का सम्मान अपना सौभाग्य समझती है. संयोग से आज ज्योति प्रसाद अग्रवाला जी की पुण्यतिथि भी है. मैं उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.
उन्होंने कहा कि असम का आत्मविश्वास, असम का सामर्थ्य और असम की प्रगति से भारत की ग्रोथ स्टोरी को नई शक्ति मिल रही है. आज असम तेजी से आगे बढ़ने वाले राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है. असम की अर्थव्यवस्था गति पकड़ रही है. इस विकास और इस बदलाव में बोडोलैंड और यहां के लोग अहम भूमिका निभा रहे हैं.
कांग्रेस पर किया प्रहार
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने सियासी फायदे के लिए असम में अस्थिरता पैदा की और असम को हिंसा की आग में धकेला. आजादी के बाद असम के सामने बड़ी चुनौतियां थी, लेकिन कांग्रेस ने उन समस्याओं का समाधान खोजने की बजाय, उस पर सियासी रोटियां सेंकी. जरूरत विश्वास की थी, लेकिन कांग्रेस ने विभाजन को बढ़ाया. जरूरत संवाद की थी, लेकिन कांग्रेस ने उपेक्षा की और बातचीत के रास्ते बंद किए. जब जरूरत अपने लोगों के जख्म भरने की थी, जब असम के लोगों की सेवा करने की थी, तब कांग्रेस असम के दरवाजे घुसपैठियों के आवभगत में लगी रही.
'विदेशी घुसपैठिये ज्यादा पसंद हैं'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस असम के लोगों को अपना नहीं मानती है. कांग्रेस के लोगों को विदेशी घुसपैठिये ज्यादा पसंद हैं, क्योंकि वे यहां आकर कांग्रेस के कट्टर वोट बैंक बन जाते हैं. इसलिए कांग्रेस के राज में विदेशी घुसपैठिए आते रहे और असम की लाखों बीघा जमीन पर कब्जा करते रहे और कांग्रेस सरकार उनकी मदद करती रही. मुझे खुशी है कि आज हिमंता जी की सरकार असम के लोगों के हक की लाखों बीघा जमीन को घुसपैठियों से मुक्त करवा रही है.
पीएम मोदी हुए भावुक
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि मैं यह सोचकर भावुक हो रहा हूं कि मेरा असम कितना आगे बढ़ रहा है. एक समय, जहां आए दिन रक्तपात होता था, आज वहीं संस्कृति के अद्भुत रंग सज रहे हैं. एक समय, जहां गोलियों की गूंज थी, आज वहां खाम और सिफुंग की मधुर ध्वनि है.
पहले जहां कर्फ्यू का सन्नाटा होता था, आज वहां संगीत के सुर गूंज रहे हैं. पहले जहां अशांति और अस्थिरता थी, आज वहां बागुरुम्बा की ऐसी प्रस्तुतियां होने जा रही हैं. ये उपलब्धि सिर्फ असम की नहीं है, पूरे भारत की है. असम के इस बदलाव पर हर देशवासी को गर्व है.