नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ टीएमसी और केंद्र के बीच तल्खी अब नए चरम पर पहुंच गई है. राष्ट्रपति मुर्मू के सिलीगुड़ी दौरे पर खराब व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल की अनदेखी ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है. प्रधानमंत्री मोदी ने इस प्रकरण को "शर्मनाक और अभूतपूर्व" करार देते हुए कहा कि ममता सरकार ने न केवल राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है, बल्कि आदिवासी समाज का भी अनादर किया है. यह घटना अब देशव्यापी चर्चा का विषय बन गई है.
विवाद की शुरुआत तब हुई जब राष्ट्रपति मुर्मू अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में शामिल होने सिलीगुड़ी पहुंचीं. वहां आयोजन स्थल की तंग जगह देखकर वे नाखुश दिखीं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनकी छोटी बहन जैसी हैं, फिर भी उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए इतनी छोटी जगह क्यों चुनी? राष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि यदि कार्यक्रम किसी बड़े मैदान में होता तो लाखों लोग आदिवासी संस्कृति के इस गौरवशाली उत्सव का हिस्सा बन पाते.
तंग जगह के अलावा राष्ट्रपति ने प्रोटोकॉल की गंभीर खामियों पर भी दुख व्यक्त किया. उन्होंने बताया कि नियमों के विपरीत उन्हें रिसीव करने के लिए न तो मुख्यमंत्री और न ही राज्य का कोई मंत्री हवाई अड्डे पर मौजूद था. राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद के लिए तय किए गए सम्मान और प्रोटोकॉल का पालन किया जाना लोकतंत्र के लिए अनिवार्य है.
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर टीएमसी सरकार के इस व्यवहार को आदिवासी समुदाय के प्रति अपमानजनक बताया. उन्होंने लिखा कि आदिवासी समाज से आने वाली राष्ट्रपति का दर्द देखकर पूरे देश का दिल टूटा है. मोदी के अनुसार संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय को टीएमसी सरकार ने बेहद हल्के ढंग से लिया है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि आदिवासी सशक्तिकरण में यकीन रखने वाला हर व्यक्ति इस घटना से दुखी है.
इस मुद्दे पर भाजपा की बंगाल इकाई और केंद्रीय मंत्रियों ने भी मोर्चा खोल दिया है. अमित शाह ने इसे टीएमसी की अराजकता का नया उदाहरण बताया, जबकि पीयूष गोयल ने कहा कि टीएमसी राजनीति के 'नए निचले स्तर' पर गिर गई है. भाजपा का आरोप है कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों का हनन है. पार्टी ने दावा किया कि ममता सरकार जानबूझकर संवैधानिक प्रमुखों के प्रति अपमानजनक रवैया अपना रही है.
विवादों के बीच राष्ट्रपति मुर्मू ने संथाल समुदाय की जमकर सराहना की. उन्होंने युवाओं से आधुनिक विकास अपनाते हुए अपनी जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया. गौरतलब है कि राज्यपाल बोस के इस्तीफे के बाद बंगाल के हालात पहले से ही संवेदनशील थे. वर्तमान में आर.एन. रवि राजभवन का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं.