'आज का फैसला सिर्फ कानूनी नहीं, ये आशा की किरण है', SC के फैसले पर पीएम मोदी

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पोस्ट में कहा कि आज का फैसला सिर्फ कानूनी फैसला नहीं है, ये आशा की किरण है, उज्जवल भविष्य का वादा है.

Om Pratap

PM Modi on Article 370 Supreme Court Verdict: जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले पर 'सुप्रीम' फैसला आ चुका है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पीएम मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. पीएम मोदी ने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने पर आज का सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक है.

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पोस्ट में कहा कि आज का फैसला सिर्फ कानूनी फैसला नहीं है, ये आशा की किरण है, उज्जवल भविष्य का वादा है और एक मजबूत, अधिक एकजुट भारत के निर्माण के हमारे सामूहिक संकल्प का प्रमाण है.

पीएम मोदी बोले- जम्मू, कश्मीर, लद्दाख के लोगों को आश्वस्त करता हूं...

पीएम मोदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 5 अगस्त 2019 को भारत की संसद की ओर से लिए गए फैसले को संवैधानिक रूप से बरकरार रखा है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में हमारी बहनों और भाइयों के लिए आशा, प्रगति और एकता के लिए शानदार है. पीएम मोदी ने कहा कि कोर्ट ने अपने गहन ज्ञान से, एकता के मूल सार को मजबूत किया है जिसे हम, भारतीय होने के नाते, बाकी सब से ऊपर प्रिय मानते हैं और संजोते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के लचीले लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आपके सपनों को पूरा करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता अटूट है. हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि प्रगति का लाभ न केवल आप तक पहुंचे, बल्कि इसका लाभ हमारे समाज के सबसे कमजोर और हाशिए पर रहने वाले वर्गों तक भी पहुंचे, जो अनुच्छेद 370 के कारण पीड़ित थे.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में क्या-क्या कहा?

  • सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 370 को रद्द करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाने के दौरान चुनाव आयोग को जरूरी निर्देश दिए. कोर्ट ने कहा कि 30 सितंबर 2024 तक जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराएं जाएं. चुनाव को ज्यादा देर तक नहीं  टाला जा सकता. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा जल्द बहाल किया जाए.
  • सीजेआई ने कहा कि केंद्र सरकार के पास आर्टिकल 370 को खत्म करने का अधिकार है. केंद्र सरकार का 5 अगस्त 2019 को लिया गया फैसला संविधान के दायरे में ही है.
  • सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि आर्टिकल-1 में साफ है कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. उन्होंने कहा कि 370 को खत्म करने का अधिकार राष्ट्रपति के पास है.
  • सीजेआई ने कहा कि संवैधानिक शक्तियों का उचित इस्तेमाल हो. उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति के शक्तियां हैं. उन्होंने कहा कि विलय के बाद जम्मू और कश्मीर संप्रभु राज्य नहीं रहा. उन्होंने ये भी कहा कि राज्य की जगह केंद्र फैसला ले सकता है. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में भारत का संविधान चलेगा.