‘जो खेलेगा, वही खिलेगा’,  PM मोदी ने कॉमनवेल्थ गेम्स पदक विजेताओं से की मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के भारतीय पदक विजेताओं से मुलाकात कर उनकी उपलब्धियों को सराहा. उन्होंने युवाओं से खेलों को अपनाने और भारत का उत्साह बढ़ाने की अपील की.

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Sagar Bhardwaj

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के भारतीय पदक विजेताओं से मुलाकात की. उन्होंने खिलाड़ियों को शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करने के लिए उनकी मेहनत, अनुशासन और प्रतिबद्धता की सराहना की. भारत ने प्रतियोगिता में कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया. 

‘जो खेलेगा, वही खिलेगा’ का संदेश

प्रधानमंत्री ने खेलों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और देश में मजबूत खेल संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘जो खेलेगा, वही खिलेगा. भारत को हमेशा चीयर करें. भारत माता की जय!’ मोदी लंबे समय से युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए इस संदेश का इस्तेमाल करते रहे हैं. उनका कहना है कि खेल न केवल प्रतिभा को मंच देते हैं, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास और अनुशासन भी बढ़ाते हैं.

 

बॉक्सिंग में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन

ग्लासगो में भारत की सफलता में बॉक्सिंग का सबसे बड़ा योगदान रहा. भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 10 पदक अपने नाम किए, जिनमें सात स्वर्ण शामिल रहे. यह कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा. भारतीय महिला मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया और सात स्वर्ण में से पांच स्वर्ण अपने नाम किए. 

जूडो और वेटलिफ्टिंग में भी चमका भारत

जूडो में अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने स्वर्ण पदक जीते. इसके साथ भारत ने एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार जूडो में दो स्वर्ण हासिल किए. इस खेल में भारत ने कुल चार पदक जीते. वहीं वेटलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने आठ पदक जीते. मीराबाई चानू ने स्वर्ण जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरी बार खिताब अपने नाम किया.

गुलवीर और पैरा एथलीटों ने रचा इतिहास

एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर में रजत और 5,000 मीटर में कांस्य जीतकर खास उपलब्धि हासिल की. वह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बने. पैरा एथलीटों ने भी सात पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया. शर्मिला धनकर ने महिला F57 शॉटपुट में स्वर्ण जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा एथलेटिक्स का भारत के लिए पहला स्वर्ण हासिल किया.

 39 पदकों के साथ चौथे स्थान पर भारत

भारत ने ग्लासगो 2026 अभियान का अंत 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य समेत कुल 39 पदकों के साथ चौथे स्थान पर किया. यह प्रदर्शन बताता है कि भारत का खेल दायरा पारंपरिक खेलों से आगे बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री की खिलाड़ियों से मुलाकात ने इस उपलब्धि को और खास बना दिया. पदक विजेता अब देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं.