जोहान्सबर्ग में जी-20 समिट में शामिल हुए पीएम मोदी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बैठकों में लिया हिस्सा

जोहान्सबर्ग में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति ने भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंधों को नई मजबूती दी. यात्रा के दौरान उन्होंने कई द्विपक्षीय बैठकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया.

social media
Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को जोहान्सबर्ग में शुरू हुए जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए पहुंचे, जहां उनका बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया गया. दक्षिण अफ्रीका में यह उनका चौथा आधिकारिक दौरा है, जो दोनों देशों के ऐतिहासिक और मजबूत होते संबंधों को दर्शाता है. 

इस बार का जी-20 समिट ग्लोबल साउथ की लगातार चौथी मेजबानी का हिस्सा है, जिससे क्षेत्र की बढ़ती वैश्विक भूमिका सामने आती है. दौरे के पहले ही दिन पीएम मोदी ने कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुलाकातों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है.

दक्षिण अफ्रीका में ऐतिहासिक स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जोहान्सबर्ग पहुंचे, जहां एयरपोर्ट पर एक सांस्कृतिक दल ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। कलाकारों ने उनके सामने झुककर सम्मान व्यक्त किया, जिससे दौरे की शुरुआत बेहद गर्मजोशी भरे माहौल में हुई। यह स्वागत दोनों देशों के लंबे और गहरे सांस्कृतिक रिश्तों को दर्शाता है, जो दशकों से लगातार मजबूत होते आए हैं। उनके आगमन के साथ ही भारत की इस उच्च-स्तरीय बैठक में भूमिका और अपेक्षाएँ स्पष्ट हो गईं।

भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंधों की निरंतरता

दक्षिण अफ्रीका में प्रधानमंत्री मोदी का यह चौथा आधिकारिक दौरा है. इससे पहले वे 2016 में द्विपक्षीय बैठक और 2018 व 2023 में ब्रिक्स समिट के लिए यहां आ चुके हैं. लगातार दौरे यह संकेत देते हैं कि भारत इस क्षेत्र के साथ अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और गहराई देना चाहता है. इस साल का जी-20 भी ग्लोबल साउथ की निरंतर मेजबानी का हिस्सा है, जो इंडोनेशिया, भारत और ब्राजील के बाद अब दक्षिण अफ्रीका में हो रहा है.

ऑस्ट्रेलिया के PM संग अहम बातचीत

दौरे की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ द्विपक्षीय बातचीत से की. दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग, व्यापारिक संभावनाओं और रणनीतिक साझेदारी को नए आयाम देने पर चर्चा की. भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध हाल के वर्षों में काफी तेजी से मजबूत हुए हैं, और इस मुलाकात ने इन्हें और गति देने का काम किया. यह बैठक आगे होने वाले जी-20 विमर्श के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हुई.

भारतीय मूल के युवाओं और उद्यमियों से मुलाकात

जोहान्सबर्ग में प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय मूल के टेक उद्यमियों और ‘भारत को जानिए’ क्विज के विजेताओं से भी मुलाकात की. उन्होंने एक्स पर लिखा कि यह क्विज प्रवासियों को भारत के इतिहास और संस्कृति से जोड़कर रखती है. इसके साथ ही उन्होंने नास्पर्स के चेयरमैन और सीईओ से भी मुलाकात की, जिसमें भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में निवेश बढ़ाने पर चर्चा हुई. यह बातचीत भारत के बढ़ते टेक सेक्टर की अंतरराष्ट्रीय पहचान का प्रमाण बनी.

सांस्कृतिक कार्यक्रम में भावनात्मक पल

जोहान्सबर्ग में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ‘गंगा मैया’ गीत का प्रदर्शन देखा जिसे गिरमिटिया समुदाय द्वारा प्रस्तुत किया गया था. यह गीत हिंदी और तमिल दोनों में गाया गया, जिसने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया. पीएम मोदी ने कहा कि यह प्रदर्शन उन प्रवासियों की साहसिक यात्रा और भारत के प्रति उनकी गहरी भावनाओं का प्रतीक है. उन्होंने इसे एक भावनात्मक अनुभव बताया, जिसने सांस्कृतिक जुड़ाव को फिर से जीवंत कर दिया.