'भारत पर नहीं लगता टैक्स अगर पीएम मोदी...', जानें कैसे 'ट्रंप के ईगो' से इंडिया पर लगा 50% टैरिफ
अमेरिका ने अपने दूसरे टर्म की शुरुआत में ही दुनिया को टैरिफ से अवगत कराया. भारत पर भी 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए गए. अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक भारत इससे बच सकता था लेकिन पीएम मोदी इस डील को फाइनल नहीं कर पाए.
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाया गया टैरिफ किसी ट्रेड या पॉलिसी का नतीजा नहीं था इस बात को खुद अमेरिकी अधिकारी ने साबित कर दिया है. अमेरिकी कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लटनिक ने एक इंटरव्यू के दौरान इसे ट्रंप के ईगो का नतीजा बताया है.
अमेरिका ने कुछ दिनों पहले भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया था. हालांकि इसे रोकना संभव था लेकिन इसके बदले भारत को अपना स्वाभिमान रखना पड़ सकता था. पीएम मोदी ने डील की जगह पर देश को चुना, नतीजतन भारत को इसकी कीमत 50% टैरिफ के रूप में चुकानी पड़ी.
अमेरिकी सेक्रेटरी ने क्या कहा?
अमेरिकी कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लटनिक ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहा ट्रे़ड डील तैयार था. उन्होंने दावा किया कि पूरी ट्रेड डील सेट हो गई थी, लेकिन इसे अंजाम तक पहुंचाने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्रंप को कॉल करना था.
उन्होंने कहा कि भारत को बातचीत को फाइनल करने के लिए एक साफ और समय-सीमा वाली विंडो दी गई थी, जिसमें तीन शुक्रवार का समय था. हालांकि, उन्होंने तर्क दिया कि भारत सरकार इसके साथ सहज नहीं थी. इस वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोई कॉल नहीं किया. जिसका नतीजा यह रहा कि यह डील वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे देशों के साथ करनी पड़ी.
भारत के साथ थी डील की उम्मीद
लटनिक ने बताया कि पूरी डील सेट हो गई थी. लेकिन साफ तौर पर कहें तो यह प्रेसिडेंट ट्रंप की डील थी. वह डील फाइनल करते हैं. इसके लिए भारतीय अधिकारियों को बस मोदी से राष्ट्रपति को कॉल करवाना था. वे ऐसा करने में सहज नहीं थे. मोदी ने कॉल नहीं किया. हमने इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के साथ ट्रेड डील की. अमेरिकी कॉमर्स सेक्रेटरी ने कहा कि हमने उनसे पहले भारत के साथ ट्रेड डील की उम्मीद की थी.
उन्होंने यह भी साफ किया कि अब अमेरिका भारत के साथ उन डील को फाइनल करने के लिए तैयार नहीं है. अब अमेरिका इससे पीछे हट गया है. हम अब इसके बारे में नहीं सोच रहे हैं. लुटनिक ने भारत की तुलना यूके के साथ करते हुए कहा कि जब यूके के साथ डील करने का समय आया तो खुद प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने पर्सनली ट्रंप को कॉल किया. जिससे डील उसी दिन पूरी हो गई और औपचारिक रूप से इसकी घोषणा कर दी गई.