भारत के पास रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने के अलावा कोई विकल्प नहीं: स्वतंत्रता दिवस पर बोले पीएम मोदी

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को जरूरी बताया. उन्होंने ड्रोन, एंटी-ड्रोन, हाइपरसोनिक तकनीक और साइबर सुरक्षा में भारत की अगुवाई का लक्ष्य रखा.

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Sagar Bhardwaj

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए अगले चरण के सुधारों के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का रोडमैप सामने रखा. इसका उद्देश्य भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में नई ऊर्जा और क्षमता देना है. इसी सप्तधारा में ‘रक्षा शक्ति’ को अहम स्थान दिया गया है.

रक्षा में आत्मनिर्भरता को बताया जरूरी

प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत के पास रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. उन्होंने कहा कि जब दुनिया के देश अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं, तब भारत को केवल वैश्विक बाजार का खरीदार बनकर नहीं रहना चाहिए. देश को अपनी रक्षा जरूरतों के लिए घरेलू क्षमता विकसित करनी होगी.

ड्रोन और हाइपरसोनिक तकनीक पर फोकस

पीएम मोदी ने भारत को ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम विकसित करने के साथ हाइपरसोनिक रक्षा तकनीक में नेतृत्व हासिल करने का लक्ष्य दिया. उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए अत्याधुनिक तकनीक में भारत की मजबूत पकड़ जरूरी है.


‘मेक इन इंडिया’ और स्वदेशी पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेशों से सस्ती या जल्दी उपलब्ध होने वाली चीजें खरीदना आसान हो सकता है, लेकिन इससे देश की अपनी क्षमताएं मजबूत नहीं होतीं. उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, स्वदेशी और वोकल फॉर लोकल जैसे अभियानों को राष्ट्रीय क्षमता निर्माण से जोड़ा. उनका कहना था कि भारत को अपनी जरूरतों और हितों की रक्षा खुद करने की क्षमता विकसित करनी होगी.

साइबर सुरक्षा भी नया युद्धक्षेत्र

पीएम मोदी ने साइबर सुरक्षा को रक्षा का एक महत्वपूर्ण मोर्चा बताया. उन्होंने कहा कि भारत के युवा इस क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल करके देश के साथ दुनिया की भी मदद कर सकते हैं. उनके मुताबिक आज युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित रहने की गारंटी नहीं है. रिफाइनरी, बैंकिंग सिस्टम, डेटा सेंटर और औद्योगिक ढांचे जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान भी निशाना बन सकते हैं.

‘सुदर्शन चक्र’ मिशन पर काम तेज

प्रधानमंत्री ने ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसका उद्देश्य बदलते सुरक्षा खतरों के बीच देश की महत्वपूर्ण संरचनाओं और क्षमताओं को सुरक्षित करना है. उन्होंने कहा कि सेना की ताकत बढ़ाने के साथ स्वदेशी रक्षा उपकरणों को प्राथमिकता देना भी जरूरी है.

12 साल में रक्षा उत्पादन में बड़ा उछाल

प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि देश का रक्षा उत्पादन करीब चार गुना बढ़ा है. उन्होंने यह भी दावा किया कि रक्षा निर्यात लगभग 50 गुना बढ़ा है और भारतीय हथियार करीब 100 देशों तक पहुंच रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि देश सीमाओं के भीतर और बाहर से आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है और वैश्विक स्तर पर भारत की रक्षा क्षमता की प्रतिष्ठा बढ़ रही है.