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India Daily

स्थापना दिवस पर PM मोदी ने मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के लोगों को दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तीन पूर्वोत्तर राज्यों - मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय - के लोगों को उनके राज्य दिवस पर बधाई दी. और कामना की कि यह दिन राज्य के अद्वितीय इतिहास और समृद्ध विरासत का जश्न मनाए.

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Edited By: Babli Rautela
स्थापना दिवस पर PM मोदी ने मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के लोगों को दी बधाई
Courtesy: Social Media

Foundation Day: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तीन पूर्वोत्तर राज्यों - मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय - के लोगों को उनके राज्य दिवस पर बधाई दी. एक्स में एक पोस्ट में मोदी ने कहा, 'मणिपुर के राज्य दिवस पर, राज्य के लोगों को मेरी शुभकामनाएं. मणिपुर ने भारत की प्रगति में एक मजबूत योगदान दिया है.' उन्होंने कहा, 'हमें राज्य की संस्कृति और परंपराओं पर गर्व है. मैं मणिपुर के निरंतर विकास के लिए प्रार्थना करता हूं.'

मोदी ने स्थापना दिवस पर दी बधाई

मोदी ने त्रिपुरा के लोगों को उनके राज्य दिवस पर शुभकामनाएं दीं और कामना की कि यह दिन राज्य के अद्वितीय इतिहास और समृद्ध विरासत का जश्न मनाए. उन्होंने कहा, 'त्रिपुरा के लोगों के लिए समृद्धि और सद्भाव की कामना करता हूं.' एक अन्य पोस्ट में मोदी ने कहा, 'मेघालय के लोगों को राज्य दिवस की शुभकामनाएं! आज मेघालय की अविश्वसनीय संस्कृति और वहां के लोगों की उपलब्धियों का जश्न मनाने का अवसर है.'
प्रधानमंत्री ने कहा, 'आने वाले समय में मेघालय प्रगति की नई ऊंचाइयों को छुए.'

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी मेघालय, त्रिपुरा और मणिपुर के राज्य स्थापना दिवस पर लोगों को शुभकामनाएं दीं. एक्स पर एक पोस्ट में राष्ट्रपति ने कहा कि ये पूर्वोत्तर राज्य प्रगति, समृद्धि और शांति के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं. राष्ट्रपति मुर्मू ने रविवार को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट किया, 'मेघालय, त्रिपुरा और मणिपुर के लोगों को राज्य दिवस पर शुभकामनाएं! ये राज्य प्रकृति के अनोखे वरदान से धन्य हैं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के भी वाहक हैं. वे प्रगति, समृद्धि और शांति के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं. मैं मेघालय, त्रिपुरा और मणिपुर के निवासियों को अपनी शुभकामनाएं देती हूं.' राज्य में पिछले कई महीनों से जातीय संघर्ष चल रहा है, उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ आयोजित रैली में हिंसा हुई थी जिसमें राज्य सरकार से बहुसंख्यक मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल करने पर विचार करने को कहा गया था.

विपक्षी नेताओं ने राज्य और केंद्र पर साधा निशाना

राज्य भर में भड़की झड़पों में कई लोगों की जान चली गई, वहीं विपक्षी नेताओं ने राज्य और केंद्र की भाजपा सरकार पर कानून-व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप लगाया. संसद का पूरा सत्र लगभग व्यर्थ चला गया क्योंकि दोनों सदनों में कई बार व्यवधान हुआ, विपक्षी सदस्यों ने मणिपुर की मौजूदा स्थिति पर बहस और चर्चा के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बयान की मांग की.