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'जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोग अपने हाथों से किस्मत बनाने के लिए...', अनुच्छेद 370 को लेकर PM मोदी का बड़ा बयान

पीएम मोदी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 हमेशा के लिए चला गया है और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोग पहली बार अपने हाथों से अपनी किस्मत बनाने के लिए आजाद है.

Avinash Kumar Singh

नई दिल्ली: अनुच्छेद 370 हमेशा प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा बयान सामने आया है. पीएम मोदी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 हमेशा के लिए चला गया है और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोग पहली बार अपने हाथों से अपनी किस्मत बनाने के लिए आजाद है. ऐसे लोग हैं जिन्हें इस अस्थाई प्रावधान को खत्म करने में देरी से समस्या थी. जवाहर लाल नेहरू ने अनुच्छेद 370 पर संसद में कहा था कि ये घिसते-घिसते घिस जाएगा. जम्मू-कश्मीर के लोग खासकर महिलाएं अपने अधिकारों से पिछले सात दशकों तक वंचित रहे लेकिन अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोग अपने हाथों से अपनी किस्मत बनाने के लिए आजाद हैं.

'अपनी हाथों से अपनी किस्मत बनाने के लिए आजाद'

एक निजी समाचार पत्र को दिये इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ता, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में जो कुछ भी किया है, उसमें उन्होंने हमेशा देश को पहले रखा. केंद्र ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बहु-आयामी दृष्टिकोण अपनाया है और क्षेत्र स्थायी शांति, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने की राह पर है. अनुच्छेद 370 के हमेशा के लिए चले जाने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोग अपने भाग्य को अपने हाथों से आकार देने के लिए आजाद हैं.

आर्थिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देना लक्ष्य 

पीएम मोदी ने अपने बयान में आगे कहा कि सरकार ने सुरक्षा, विकास, बुनियादी ढांचे और मानव पूंजी में निवेश और सुधारों के माध्यम से सरकारी प्रक्रियाओं की पूर्ण री-इंजीनियरिंग पर ध्यान देने के साथ एक बहु-आयामी दृष्टिकोण अपनाया है. हम पूरी तरह से स्थायी शांति, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने की राह पर हैं. क्षेत्र के लोगों को अपने जीवन स्तर में सुधार करके, आर्थिक विकास को बढ़ावा देना और रोजगार के अवसर पैदा करना चाहिए.

अनुच्छेद 370 पर सुप्रीम कोर्ट की सुप्रीमो मुहर 

सुप्रीम कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द करने के केंद्र सरकार के फैसले को बरकरार रखा था. पीएम मोदी ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना की थी और कहा था कि यह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में हमारी बहनों और भाइयों के लिए आशा, प्रगति और एकता की एक शानदार समय है. भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, बीआर गवई और सूर्यकांत की पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के सरकार के कदम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुनाया था.