एयर इंडिया के खाने में मिला बाल, मद्रास हाईकोर्ट ने ठोका 35 हजार रूपये का जुर्माना

Penalty On Air India: याचिकाकर्ता एक यात्री ने बताया कि उड़ान के दौरान जब उन्हें एयरलाइन की तरफ से खाना परोसा गया, तो उसमें बाल मौजूद था. खाना खाने के बाद उन्हें उल्टी और पेट दर्द की समस्या हुई.

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Kanhaiya Kumar Jha

Penalty On Air India: यात्रियों की सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए मद्रास हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एयर इंडिया पर ₹35,000 का जुर्माना लगाया है. मामला उस समय का है जब एक यात्री को फ्लाइट में परोसे गए खाने में बाल मिला था. कोर्ट ने इस घटना को यात्री सेवा में लापरवाही और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन माना.

याचिकाकर्ता एक यात्री ने बताया कि उड़ान के दौरान जब उन्हें एयरलाइन की तरफ से खाना परोसा गया, तो उसमें बाल मौजूद था. खाना खाने के बाद उन्हें उल्टी और पेट दर्द की समस्या हुई. शिकायत करने पर एयरलाइन की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. इसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि हवाई यात्रा केवल सुविधा का विषय नहीं है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी भी एयरलाइन पर होती है. फ्लाइट में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने कहा कि भोजन में बाल मिलना न केवल स्वच्छता मानकों का उल्लंघन है बल्कि यह यात्री के स्वास्थ्य के लिए भी संभावित खतरा है.

निचली अदालत ने लगाया था एक लाख का जुर्माना

इस मामले में निचली अदालत ने एक लाख का जुर्माना लगाया था, जिसके बाद एयर इंडिया ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी. मद्रास हाईकोर्ट ने एयर इंडिया की अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए निचली अदालत द्वारा दिए गए ₹1 लाख मुआवज़े के आदेश को रद्द कर दिया. यह मुआवज़ा उस यात्री को दिया गया था, जिसे कोलंबो से चेन्नई की उड़ान के दौरान भोजन में बाल मिले थे. जस्टिस पी.बी. बालाजी ने एयरलाइन की लापरवाही को स्वीकार करते हुए कहा कि वादी अपने नुकसान के दावे को सबूतों से साबित करने में नाकाम रहा.

हालांकि एयर इंडिया की लापरवाही को ध्यान में रखते हुए अदालत ने कंपनी पर ₹35,000 का जुर्माना लगाया. ₹15,000 अदालत शुल्क और ₹20,000 वकील शुल्क के रूप में, जिसे चार हफ्तों के भीतर यात्री को भुगतान करना होगा.