पुणे और पिंपरी चिंचवड़ में चाचा-भतीजे की जोड़ी फेल, लहराया भगवा, जानें कैसे हुआ ये 'कमाल'?

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में शरद पवार और अजित पवार ने हाथ मिलाया था. हालांकि इसका कोई खास फायदा होता नजर नहीं आ रहा है.

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Shanu Sharma

मुंबई: महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में काफी उथल-पुथल देखने को मिला. सालों से अलग हुए नेता ने हाथ मिलाकर चुनाव जीतने की कोशिश की. ऐसी ही एक कोशिश अजित पवार और शरद पवार ने भी की. लेकिन उनका साथ आना अब नाकाम नजर आने लगा है. 

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे नगर निगम चुनावों में बड़ा झटका लगते नजर आ रहा है. बृहन्मुंबई नगर निगम के बाद सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे नगर निगम के 74 वार्डों में बीजेपी बढ़त बनाती नजर आ रही है. 

गठबंधन बनाने का भी कोई फायदा नहीं

एनसीपी नेता अजित पवार 40 सीटों पर बढ़त बनाए हुए दिख रहे हैं. वहीं शरद पवार को केवल एक सीट पर भी बढ़त मिली है. हालांकि चुनाव से पहले एनसीपी ने पूरे शहर में जोर-शोर से चुनाव प्रचार किया था. लेकिन उसका कोई खास फायदा होता नजर नहीं आ रहा है. पुणे में भी बीजेपी 52 वार्डों में आगे है. वहीं NCP को केवल दो वार्डों में बढ़त मिली है. कांग्रेस की बात करें तो पांच वार्डों में आगे है और 20 साल बाद एक साथ आए ठाकरे भाइयों को एक भी वार्ड में बढ़त नहीं मिल पाई है. महाराष्ट्र के नगर निगम चुनाव की वजह से कई पुराने रिश्ते एक हुए हैं. एक हो जहां चाचा-भतीजा साथ उतरे. वहीं दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे भी 20 साल बाद साथ चुनाव लड़ रहे थे. 

विलय की तैयार कर रहा एनसीपी

राज्य के विधानसभा चुनाव में शरद पवार और अजित पवार एक दूसरे के खिलाफ लड़े थे.  चाचा शरद पवार से अलग होकर बीजेपी के साथ हाथ मिलाने के बाद  अजित ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. हालांकि चुनाव से पहले पार्टी के दो टुकड़े हो गए थे. शरद पवार और अजित पवार दोनों ने एनसीपी की अलग पार्टी बना ली थी. इस पर चुनाव आयोग ने सुनवाई करते हुए अजित के गुट को वैध NCP के रूप में मान्यता दी, और 'घड़ी' चुनाव चिन्ह बरकरार रखा. वहीं शरद पवार गुट को'तुतारी' (घुमावदार तुरही) चुनाव चिन्ह के रूप में अपनाना पड़ा. हालांकि अब यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि NCP के दोनों गुट विलय की ओर बढ़ रहे हैं. लेकिन महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार और सुप्रिया सुले ने भविष्य में फिर से साथ आने का इशारा किया है.