K kavitha: केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार ने दावा किया कि कांग्रेस ने दिल्ली आबकारी नीति में आरोपी BRS नेता के कविता को जमानत दिलवाई है. केंद्रीय मंत्री का यह तंज उनके भाई केटीआई को पसंद नहीं आया और उन्होंने पलटवार किया है. बीआरएस की नेता को दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है.
सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कुमार ने लिखा कि कुख्यात शराब घोटाले में बीआरएस एमएलसी को जमानत दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी और उसके अधिवक्ताओं को बधाई. आपके अथक प्रयासों का अंततः फल मिला. यह जमानत बीआरएस और कांग्रेस दोनों के लिए जीत है. अब बीआरएस नेता जमानत पर बाहर हैं और कांग्रेस का आदमी राज्यसभा पहुंच गया है.
Congratulations to the Congress party and its advocates for securing bail for BRS MLC in the infamous liquor Scam.
Your untiring efforts finally yielded fruits.
This bail is a win for both BRS and Congress —BRS leader is out on bail & the Congress man gets to Rajya Sabha.…— Bandi Sanjay Kumar (@bandisanjay_bjp) August 27, 2024
केंद्रीय मंत्री का यह कटाक्ष बीआरएस को पसंद नहीं आया. कविता के भाई और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (केटीआर) ने पलटवार किया. केटीआर ने एक्स पर लिखा कि आप गृह मामलों के प्रभारी केंद्रीय मंत्री हैं और सुप्रीम कोर्ट पर आरोप लगा रहे हैं! यह आपके पद के लिए बिल्कुल भी उचित नहीं है. मैं भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश और सम्मानित सुप्रीम कोर्ट से इन टिप्पणियों का संज्ञान लेने और अवमानना कार्यवाही शुरू करने का सम्मानपूर्वक आग्रह करता हूं.
You’re a union minister incharge of Home Affairs & casting aspersions on Supreme Court !! Highly unbecoming of your position
I respectfully urge the Hon’ble Chief Justice of India & the respected Supreme Court to take cognisance of these comments and initiate contempt… https://t.co/171Bl4ZIiH— KTR (@KTRBRS) August 27, 2024
केटीआर ने इससे पहले अपनी बहन कविता को सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत दिए जाने की सराहना की. उन्होंने एक्स पर सुप्रीम कोर्ट को शुक्रिया कहा. 15 मार्च को ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की शीर्ष अदालत की पीठ ने कहा कि कविता करीब पांच महीने से हिरासत में है और इन मामलों में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उसके खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है.