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Parliament Budget Session 2025: बजट सत्र 31 जनवरी से, राष्ट्रपति मुर्मू संसद के संयुक्त सत्र को करेंगी संबोधित, एक फरवरी को आएगा बजट

संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद शुक्रवार को लोकसभा और राज्यसभा की संक्षिप्त बैठक होगी. इसी दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दोनों सदनों में आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगी.

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Edited By: Reepu Kumari
Parliament Budget Session 2025: बजट सत्र 31 जनवरी से, राष्ट्रपति मुर्मू संसद के संयुक्त सत्र को करेंगी संबोधित, एक फरवरी को आएगा बजट
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Parliament Budget Session 2025: संसद के बजट सत्र की शुरुआत 31 जनवरी को संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी और फिर अगले दिन शनिवार एक फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा. सोमवार से लोकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा शुरु हो जाएगी.

संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद शुक्रवार को लोकसभा और राज्यसभा की संक्षिप्त बैठक होगी. इसी दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दोनों सदनों में आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगी.

क्यों खास है ये बजट

एक फरवरी को सीतारमण, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट और बतौर वित्त मंत्री लगातार अपना आठवां बजट पेश करेंगी.

सोमवार से दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरु हो जाएगी. लोकसभा ने इसके लिए फिलहाल दो दिन (3-4 फरवरी) आवंटित किए हैं, जबकि राज्यसभा ने बहस के लिए तीन दिन निर्धारित किए हैं.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छह फरवरी को राज्यसभा में बहस का जवाब दे सकते हैं.

संसद में सर्वदलीय बैठक

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बजट सत्र के सुचारू संचालन के मद्देनजर चर्चा के लिए 30 जनवरी को संसद में सर्वदलीय बैठक बुलाई है. बजट सत्र के पहले चरण में 31 जनवरी से 13 फरवरी तक नौ बैठकें प्रस्तावित हैं.

इसके बाद दोनों सदन 13 फरवरी को अवकाश के लिए स्थगित हो सकते हैं और विभिन्न मंत्रालयों व विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के लिए 10 मार्च को फिर से मिलेंगे. सत्र का दूसरा चरण 10 मार्च को शुरू होगा और इसके 4 अप्रैल तक जारी रहने की संभावना है. बजट सत्र में कुल 27 बैठकें प्रस्तावित है.

जुलाई 2024 मोदी 3.0 का पहला पूर्ण बजट

जुलाई 2024 में जब सरकार ने मोदी 3.0 का पहला पूर्ण बजट पेश किया था, तब सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाकर आम लोगों को राहत दी थी. इसके बाद, सोने की कीमतें गिरकर 80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे आ गई थीं. अब, जब सोने की कीमतें फिर से 80,000 रुपये के पार जा चुकी हैं, तो यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस बार सरकार सोने की कीमतों को घटाने के लिए फिर से कदम उठाएगी?

(इस खबर को इंडिया डेली लाइव की टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की हुई है)