सनातन वेशभूषा की आड़ में चल रहे पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क पर्दाफाश, लव जिहाद के एंगल की भी हो रही जांच; कई आरोपी गिरफ्तार

देशभर में फैले जासूसी नेटवर्क का खुलासा हुआ है. जिसमें आरोपी नकली पहचान और वेशभूषा का इस्तेमाल कर देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे और अब एजेंसियां लव जिहाद एंगल सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं.

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Km Jaya

नई दिल्ली: देशभर में फैले जासूसी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है. जिसमें कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं. जांच एजेंसियों के अनुसार यह नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारे पर काम कर रहा था और भारत में उनके गुर्गे सनातन वेशभूषा की आड़ में देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे.

जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क से जुड़े कई आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हिंदू नाम और प्रतीकों का इस्तेमाल किया. आरोपी कलावा बांधने, रुद्राक्ष पहनने और माथे पर तिलक लगाने जैसे तरीके अपनाकर लोगों के बीच घुलमिल जाते थे ताकि उन पर किसी को शक न हो.

इस मामले में कितने लोगों की हुई गिरफ्तारी?

पुलिस ने इस मामले में अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कई अलग अलग राज्यों से जुड़े लोग शामिल हैं. इसके अलावा छह नाबालिगों के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है. जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के पीछे की साजिश और इसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को खंगाल रही हैं.

सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान में बैठे सरफराज उर्फ जोरा सिंह, शहजाद उर्फ भट्टी और वकार उर्फ विक्की जट जैसे लोग इस नेटवर्क को संचालित कर रहे थे. ये सभी अलग अलग तरीकों से भारत में जासूसी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए लोगों को निर्देश दे रहे थे.

जांच में क्या आया सामने?

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी जम्मू कश्मीर, लेह लद्दाख और अन्य संवेदनशील इलाकों में जाकर रेकी करने की योजना बना रहे थे. कुछ मामलों में आरोपियों ने धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को भी निशाना बनाया.

इसके अलावा एजेंसियां इस मामले में लव जिहाद के एंगल की भी जांच कर रही हैं. आशंका है कि आरोपियों ने अपनी पहचान बदलकर केवल जासूसी ही नहीं बल्कि अन्य गतिविधियों को भी अंजाम देने की कोशिश की.

एक मामले में आरोपी अपनी गर्लफ्रेंड के संपर्क में रहने के लिए नकली नाम का इस्तेमाल कर रहा था, जिससे उसकी असली पहचान छिपी रहे. जांच एजेंसियां इस तरह के सभी पहलुओं को गंभीरता से देख रही हैं.

किन-किन जगहों पर गए आरोपी?

रिपोर्ट के अनुसार आरोपी हरिद्वार, ऋषिकेश और अन्य धार्मिक स्थानों पर भी गए थे, जहां उन्होंने भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाई. इसके अलावा राजस्थान और अन्य क्षेत्रों में भी उनकी गतिविधियों के प्रमाण मिले हैं.

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी वीओआईपी तकनीक का इस्तेमाल कर अपने आकाओं से संपर्क में रहते थे, जिससे उनकी लोकेशन छिपी रहती थी.