'ट्रोल्स ने पूरा इंटरव्यू...', ऑपरेशन सिंदूर विवाद पर चिदंबरम का पलटवार
चिदंबरम ने आलोचनाओं का जवाब देने के लिए तुरंत एक्स का सहारा लिया. कई ट्वीट्स में उन्होंने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा, "ट्रोल कई तरह के होते हैं और गलत सूचना फैलाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करते हैं.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिंदंबरम ऑरेशन सिंदूर पर दिए गए अपने बयान को लेकर बीजेपी के निशाने पर हैं. पी. चिदंबरम ने अपना कड़ा बचाव करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकवादी हमले पर उनकी हालिया टिप्पणियों को ट्रोल्स द्वारा जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया गया है और संदर्भ से बाहर ले जाया गया है.
यह विवाद द क्विंट को दिए एक इंटरव्यू के बाद शुरू हुआ, जिसमें चिदंबरम ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुई घटना, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी के बारे में तीखे सवाल उठाए थे. उनकी सबसे चर्चित टिप्पणियों में से एक सरकार के इस दावे को चुनौती देना था कि हमलावर पाकिस्तान से आए थे. चिदंबरम ने कहा, "आप यह क्यों मानते हैं कि वे पाकिस्तान से आए थे? इसका कोई सबूत नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि ठोस सबूत के बिना "देशी आतंकवादियों" की संभावना को खारिज नहीं किया जाना चाहिए.
उन्होंने मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की प्रगति के बारे में पारदर्शिता की कमी के लिए सरकार की आलोचना की. चिदंबरम ने प्रशासन पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को हुए "नुकसान को छिपाने" का भी आरोप लगाया और तर्क दिया कि हताहतों की संख्या को स्वीकार करना युद्ध का एक अनिवार्य पहलू है. बीजेपी ने चिदंबरम के बयान की तुरंत निंदा की, जिससे राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया और कांग्रेस पर आतंकवाद पर भारत के रुख को कमजोर करने का आरोप लगाया गया.
चिदंबरम ने किया पलटवार
हालांकि, चिदंबरम ने आलोचनाओं का जवाब देने के लिए तुरंत एक्स (पूर्व में ट्विटर) का सहारा लिया. कई ट्वीट्स में उन्होंने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा, "ट्रोल कई तरह के होते हैं और गलत सूचना फैलाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करते हैं. सबसे बुरा ट्रोल वह होता है जो पूरा रिकॉर्ड किया हुआ इंटरव्यू दबा देता है, दो वाक्यों को हटा देता है, कुछ शब्दों को म्यूट कर देता है और वक्ता को बदनाम कर देता है!"
उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे उनकी टिप्पणियों के पूरे संदर्भ को समझने के लिए द क्विंट पर पूरा साक्षात्कार देखें. चिदंबरम ने यह भी कहा कि विपक्षी गठबंधन, यानी इंडिया ब्लॉक, लोकसभा और राज्यसभा, दोनों में आगामी संसदीय बहसों के दौरान इन महत्वपूर्ण सवालों और अन्य मुद्दों को उठाने के लिए प्रतिबद्ध है.