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पीएम मोदी की जापान यात्रा से क्या हासिल हुआ? MEA ने गिनाए 5 सेक्टर जिनमें क्रांति के लिए दोनों देशों ने मिलाया हाथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए. मिस्री ने बताया कि दोनों देशों ने जापान-भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पहल शुरू की है, जिसका लक्ष्य बड़े भाषा मॉडल, डेटा सेंटर, और AI प्रशासन में सहयोग को बढ़ावा देना है.

outcomes of PM narendra Modi Japan visit MEA told 5 sectors on which both countries will work together
Sagar Bhardwaj

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने शुक्रवार को घोषणा की कि भारत और जापान ने आर्थिक सुरक्षा पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य सप्लाई चेन को मजबूत करना और प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है. इस पहल के तहत पांच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की गई है: सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, फार्मास्यूटिकल्स, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (विशेष रूप से दूरसंचार), और स्वच्छ ऊर्जा. यह कदम दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

AI के क्षेत्र में मिलकर करेंगे काम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए. मिस्री ने बताया कि दोनों देशों ने जापान-भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पहल शुरू की है, जिसका लक्ष्य बड़े भाषा मॉडल, डेटा सेंटर, और AI प्रशासन में सहयोग को बढ़ावा देना है. यह पहल नवाचार और अनुसंधान को प्रोत्साहित करेगी. पीएम मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा को फरवरी 2026 में भारत के AI इम्पैक्ट समिट में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया, जो AI के समाज और अर्थव्यवस्था पर परिवर्तनकारी प्रभाव को रेखांकित करता है. मिस्री ने कहा, “हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में जी रहे हैं, और यह तकनीक हमारे समाज को बदलने की क्षमता रखती है.”

रणनीतिक और सुरक्षा सहयोग

सुरक्षा के मुद्दों पर मिस्री ने बताया कि जापानी पीएम इशिबा ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़े होने की पुष्टि की. दोनों नेताओं ने उभरती प्रौद्योगिकियों, स्वच्छ ऊर्जा, और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग पर जोर दिया, ताकि दीर्घकालिक आर्थिक और रणनीतिक लचीलापन सुनिश्चित हो.