कश्मीरी पंडितों को धमकी से मचा हड़कंप, उमर अब्दुल्ला बोले- 'हल्के में न लें, सुरक्षा एजेंसियां करें जांच'
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कश्मीरी पंडितों को मिली नई धमकियों पर चिंता जताई है. उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों से धमकी देने वालों की पहचान और घाटी में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है.
नई दिल्ली: श्रीनगर में कश्मीरी पंडितों को कथित तौर पर मिली नई धमकियों ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मामले को गंभीर और अस्वीकार्य बताते हुए सुरक्षा एजेंसियों से इसकी गहराई से जांच करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि धमकियों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए. मुख्यमंत्री ने घाटी में काम कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जरूरत बताई है.
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कश्मीरी पंडितों को लेकर सामने आई ताजा धमकियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं बेहद परेशान करने वाली हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में सामान्य नहीं माना जा सकता. मुख्यमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों से पूरे मामले को गंभीरता से लेने और धमकी के पीछे मौजूद लोगों तक पहुंचने के लिए प्रभावी जांच करने को कहा है.
सुरक्षा एजेंसियों से जांच की अपील
उमर अब्दुल्ला ने सुरक्षा बलों और संबंधित एजेंसियों से धमकियों के स्रोत का पता लगाने की अपील की है. उनका कहना है कि यह स्पष्ट होना जरूरी है कि धमकियां किसने दीं और उनका उद्देश्य क्या है. उन्होंने अधिकारियों से घाटी में काम कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा है. मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई पर जोर दिया.
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पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी धमकियां
मुख्यमंत्री ने करीब दो साल पहले सामने आए इसी तरह के एक मामले का भी उल्लेख किया. उस समय भी कश्मीरी पंडितों को धमकियों का सामना करना पड़ा था. अब दोबारा ऐसी स्थिति सामने आने से चिंता और बढ़ गई है. अब्दुल्ला ने संकेत दिया कि पुराने अनुभवों को देखते हुए मौजूदा मामले की जांच में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सुरक्षा व्यवस्था को भी उसी गंभीरता के साथ देखा जाना जरूरी है.
कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सुरक्षा प्राथमिकता
उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में बनी रहनी चाहिए. खासतौर पर घाटी में तैनात और काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर उन्होंने जरूरी कदम उठाने की बात कही. मुख्यमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि धमकियों के कारण कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना पैदा न हो. साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जरूरत दोहराई.
सुरक्षा को लेकर फिर बढ़ी चिंता
मुख्यमंत्री के बयान के बाद कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है. ताजा धमकियों ने घाटी में काम कर रहे समुदाय के लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं. फिलहाल मुख्यमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों से मामले की तह तक पहुंचने और खतरे की वास्तविक स्थिति का आकलन करने को कहा है. प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर किए जाने की उम्मीद है.