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बीजेपी के बॉस नितिन नवीन के लिए 'अग्निपरीक्षा' होगा पंजाब चुनाव! क्या सेनापति बदलने से बदल पाएंगे चुनाव के नतीजे?

भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में बड़े बदलावों के बीच नितिन नवीन ने चार राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा की है. इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करना है.

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Kanhaiya Kumar Jha

भारतीय जनता पार्टी इन दिनों अपने संगठन को नए सिरे से खड़ा करने में जुटी है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन लगातार राज्यों के दौरे कर जमीनी हकीकत का आकलन कर रहे हैं. पश्चिम बंगाल में पार्टी की ऐतिहासिक सफलता के बाद अब उनका पूरा ध्यान उन राज्यों पर केंद्रित हो गया है जहां आने वाले समय में चुनाव होने हैं.

आगामी चुनावों को देखते हुए भाजपा ने पंजाब में अपनी पूरी रणनीति बदल दी है. नितिन नवीन ने सुनील जाखड़ की जगह पूर्व कांग्रेसी नेता केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. जाट सिख समुदाय से आने वाले 76 वर्षीय ढिल्लों बरनाला से दो बार विधायक रह चुके हैं. पार्टी को उम्मीद है कि ढिल्लों के व्यापक राजनीतिक अनुभव और ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी गहरी पैठ के दम पर भाजपा राज्य के गांवों और सिख मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत कर सकेगी.

हरियाणा में महिला को कमान देकर नया सन्देश देने की कोशिश?

हरियाणा में भी संगठन ने एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है. भाजपा ने मोहन लाल बडौली की जगह डॉ. अर्चना गुप्ता को राज्य की कमान सौंपी है. हरियाणा भाजपा के इतिहास में करीब 43 वर्षों के बाद किसी महिला नेता को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिली है. इससे पहले 1980 में डॉ. कमला वर्मा इस पद पर थीं. पेशे से डॉक्टर अर्चना गुप्ता को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और राष्ट्रीय संगठन दोनों की पहली पसंद माना जा रहा है.


दिल्ली और त्रिपुरा में नए सेनापति

देश की राजधानी दिल्ली में भी पार्टी ने वीरेंद्र सचदेवा को हटाकर केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. भाजपा में 'एक व्यक्ति एक पद' के सिद्धांत के कारण अब माना जा रहा है कि हर्ष मल्होत्रा को केंद्रीय कैबिनेट से इस्तीफा देना पड़ सकता है. दूसरी तरफ, पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में सांगठनिक मजबूती के लिए 44 वर्षीय युवा नेता अभिषेक देबरॉय को कमान दी गई है जो बूथ स्तर की रणनीति बनाने में माहिर माने जाते हैं.

मुख्यमंत्रियों की बैठक और भविष्य की योजनाएं

इन संगठनात्मक बदलावों के बीच देश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है. आगामी 10 जून को देश की राजधानी में एनडीए के मुख्यमंत्रियों की एक हाई-प्रोफाइल बैठक बुलाई गई है. इस बैठक के तुरंत बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी बड़े फेरबदल की पूरी संभावना जताई जा रही है. पश्चिम बंगाल में मिली चुनावी कामयाबी के बाद अब नितिन नवीन के सामने सबसे बड़ी चुनौती पंजाब के मोर्चे को फतह करने की होगी, जहां अकाली दल से गठबंधन टूटने के बाद पार्टी अकेले संघर्ष कर रही है.