TCS नासिक कांड में नया मोड़, फरार निदा खान की असली पहचान आई सामने; रिपोर्ट के खुलासों ने बढ़ाई चिंता
TCS नासिक यूनिट के विवाद में नया खुलासा हुआ है कि फरार निदा खान एचआर हेड नहीं बल्कि टेलीकॉलर थीं. कंपनी के संचालन और शिकायतों को लेकर भी नई जानकारी सामने आई है.
नई दिल्ली: रिपोर्ट के मुताबिक TCS नासिक की HR हेड कही जाने वाली निदा खान जो कथित यौन स्कैंडल और जबरन धर्म परिवर्तन रैकेट के सामने आने के बाद से फरार चल रही है. असल में कंपनी में एक टेलीकॉलर के तौर पर काम करती है.
इस मामले ने पूरे देश को चौंका दिया है. शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि आरोपी एक गिरोह के तौर पर काम करते थे और मुख्य रूप से 18 से 25 साल की उम्र की महिला कर्मचारियों को निशाना बनाते थे. अब तक नौ FIR दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से एक शिकायत एक पुरुष कर्मचारी ने भी की है, जिसने धार्मिक उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन की कोशिश का आरोप लगाया है.
क्या-क्या लगे हैं आरोप?
शिकायतों में हिंदू देवी-देवताओं का अपमान, जबरन मांसाहारी भोजन खिलाना, धार्मिक उत्पीड़न और दबाव डालना और कुछ खास धार्मिक रीति-रिवाजों को मानने के लिए मजबूर करना आदि शामिल हैं.
अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें सात पुरुष दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रज़ा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और शाहरुख शेख और एक महिला शामिल हैं.
पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस ने बताया कि इनमें से कुछ आरोपियों के पास कंपनी में ऊंचे पद थे और उन्होंने कथित तौर पर अपने पदों का दुरुपयोग करके सहकर्मियों को परेशान किया. एक अधिकारी ने आरोप लगाया कि निदा खान ने एक महिला कर्मचारी को शिकायत दर्ज कराने से रोका और उससे कहा कि ऐसी बातें तो होती रहती हैं.
इससे पहले दिन में यह खबर आई थी कि यूनिट में कामकाज को अस्थायी तौर पर रोक दिया गया है और कर्मचारियों को अगले आदेश तक घर से ही काम करने के निर्देश दिए गए हैं.
कैसी है अभी वहां की स्थिति?
हालांकि सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को भी ऑफिस खुला रहा और करीब 60 कर्मचारी काम पर आए. ऑफिस को न तो सील किया गया है और न ही बंद किया गया है. कर्मचारियों को यह छूट दी गई है कि वे चाहें तो घर से काम करें या फिर ऑफिस आकर काम करें.
TCS ने यौन उत्पीड़न की शिकायतों के बारे में क्या बताया?
कंपनी के अंदर बढ़ती यौन उत्पीड़न शिकायतों को लेकर भी सवाल उठे हैं. इस पर सूत्रों का कहना है कि हाल के वर्षों में आंतरिक प्रक्रियाओं में सुधार और जागरूकता बढ़ने के कारण शिकायतों की संख्या में इजाफा दिख रहा है. इससे कर्मचारियों को शिकायत दर्ज कराने में आसानी हुई है.