नीट-यूजी पेपर लीक मामले में प्रोफेसर से लेकर कोचिंग सेंटर तक का कनेक्शन? CBI ने 6 जगहों पर की छापेमारी
नीट-यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई द्वारा लगातार जांच की जा रही है. इस मामले में लातूर के एक शिक्षक को गिरफ्तार किया गया है.
नीट-यूजी पेपर लीक मामले में एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं. टीचर, स्टूडेंट, पैरेंट्स से लेकर कोचिंग संस्थान की संलिप्तता सामने आई है. सीबीआई ने यह शक जताया है कि प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले ही चुनिंदा छात्रों तक पहुंचाए गए थे. इसके लिए कोचिंग संस्थानों में स्पेशल क्लास चलाई गई थीं. इस पूरे नेटवर्क में प्रोफेसर, बिचौलियों और कोचिंग संस्थान की भूमिका बताई जा रही है.
CBI की टीम ने महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान पर छापेमारी की है. यह संस्थान कोई छोटा संस्थान नहीं है बल्कि इसका सालाना 100 करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर है. महाराष्ट्र के सात जिलों में इस कोचिंग का ब्रांच चलता है. सीबीआई ने इसके मालिक से करीब 11 घंटे तक पूछताछ की.
क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसी ने कोचिंग संस्थान के मालिक के कार्यालय से कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और आईपैड समेत कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए हैं. जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश में हैं कि क्या परीक्षा से पहले असली प्रश्नपत्र से संबंधित सवाल इनके जरिए चुनिंदा छात्रों तक पहुंचाए गए थे या नहीं.
इस मामले से लातूर के केमिस्ट्री विशेषज्ञ पीवी कुलकर्णी का भी नाम जोड़ा जा रहा है. उन पर शक इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि वह परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े रहे हैं और लातूर के दयानंद कॉलेज में प्रोफेसर व प्रिंसिपल रह चुके हैं. रिटायरमेंट के बाद उन्होंने पुणे में निजी कोचिंग संस्थान शुरू किया था. जांच एजेंसी का कहना है कि कुलकर्णी ने पुणे स्थित अपने घर पर कुछ छात्रों को विशेष क्लासेस दी थी. माना जा रहा है कि उन्होंने संभावित प्रश्न, उनके विकल्प और सही उत्तर लिखवाए. बाद में ये प्रश्न NEET-UG 2026 के असली पेपर से मेल खाते पाए गए.
स्पेशल क्लास के नाम पर प्रश्न पत्र लीक
इस मामले में और भी शिक्षकों से पूछताछ की जा रही है. शिक्षकों द्वारा चलाए गए विशेष क्लासों पर भी सवाल उठ रहे हैं. जांच एजेंसियों को शक है कि स्पेशल क्लास के नाम पर इन्होंने उन असली पश्नों पर जोर डाला जो परीक्षा में आने वाले थे. हालांकि अभी इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि क्या छात्रों को सीधा बताया गया था या नहीं लेकिन प्रैक्टिस के नाम पर केवल उन्हीं प्रश्नों पर चर्चा की गई जो परीक्षा में आने वाले थे. सीबीआई इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है. पिछले 24 घंटों में 6 से भी ज्यादा स्थानों पर छापेमारी की गई है. अभी इस मामले में और भी कई खुलासे हो सकते हैं.