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'10 रुपये वाले डायपर भी लीक नहीं होते', NEET पेपर लीक पर खान सर ने NTA पर कसा तंज, कहा- ये 'नेवर ट्रस्टेबल एजेंसी'

खान सर ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में NTA पर तीखा हमला बोला. उन्होंने एजेंसी को 'नेवर ट्रस्टेबल एजेंसी' बताते हुए कहा कि बार-बार हो रही लापरवाही से छात्रों का भविष्य, मानसिक स्थिति और अभिभावकों की मेहनत प्रभावित हो रही है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: NEET-UG 2026 के रद्द होने से पूरे देश में लाखों छात्रों में गुस्सा और चिंता का मिलाजुला भाव देखने को मिल रहा है. इस मामले को लेकर अब मशहूर टीचर खान सर की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर हमला बोला और कहा कि ये एजेंसी छात्रों की ज़िंदगी के साथ खिलवाड़ कर रही है.

अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बीच 3 मई को हुई मेडिकल प्रवेश परीक्षा को रद्द कर दिया गया है, जिसपर प्रतिक्रिया देते हुए, खान सर ने NTA की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया और पिछली जांचों के तरीके की आलोचना भी की. उन्होंने कहा कि इसका असर छात्रों को मानसिक रूप से जबकि अभिभावकों को आर्थिक रूप से तोड़ देता है, बावजूद इसके NTA पिछली गलतियों से सबक नहीं लेती.

'10 रुपये वाले डायपर भी लीक नहीं होते'

उन्होंने NTA के परीक्षा प्रक्रिया पर तंज कसते हुए कहा कि बच्चों के 10 रुपये वाले डायपर और पैंपर्स तो लीक नहीं होते, लेकिन उनके पेपर लीक हो जाते हैं. उन्होंने कि यह लाखों छात्रों की ज़िंदगी के साथ खिलवाड़ करने से कम नहीं है. इससे छात्रों का आत्मविश्वास टूट रहा है. उन्होंने दो साल पहले हुई इसी तरह की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि अभी दो साल पहले ही, 2024 में, बिल्कुल ऐसा ही हुआ था, CBI जांच भी हुई थी, लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला. उन्होंने अधिकारियों को नाकामी को इस तरह की घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया.

नाम बदलकर 'नेवर ट्रस्टेबल एजेंसी' कर देना चाहिए

उन्होंने कहा कि सरकारी एजेंसियों को इस बात का पता होना चाहिए कि इस तरह की घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है. जिस एजेंसी को हमने परीक्षा कराने का काम सौंपा है, उसे तो यह भी समझ नहीं आता कि उसे परीक्षा कराने के लिए रखा गया है या उसे लीक करने के लिए. NTA, यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, का नाम बदलकर 'नेवर ट्रस्टेबल एजेंसी' (जिस पर कभी भरोसा न किया जा सके) रख देना चाहिए. उन्होंने मांग की कि इस मामले की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट के किसी रिटायर्ड जज को नियुक्त किया जाए.

बता दें कि बीते 3 मई को NEET की परीक्षा आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक होने की पुष्टि होने के बाद परीक्षा को आज रद्द कर दिया गया, जिसके बाद छात्रों में गहरी चिंता नजर आ रही है. वही इस मामले में सीबीआई ने जांच अपने हाथों में ले ली है और मामले में कुछ गिरफ्तारियां भी हुई है. आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच NTA ने जल्द दोबारा परीक्षा आयोजित कराए जाने की बात कही है.