धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी, सरकार के ऐलान को किया नामंजूर
नीट पेपर लीक को लेकर जारी विवाद के बीच प्रदर्शनकारी संगठन ने केंद्र की वार्ता पेशकश ठुकरा दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की, जबकि विपक्ष ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया.
नई दिल्ली: नीट पेपर लीक मामले पर केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारी संगठन के बीच टकराव अभी खत्म होता नहीं दिख रहा है. सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों में त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया, जिससे राजनीतिक बहस और तेज हो गई.
बातचीत का प्रस्ताव ठुकराने से बढ़ा गतिरोध
सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र ने प्रदर्शन कर रहे संगठन को वार्ता आगे बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया. इससे साफ संकेत मिला कि दोनों पक्षों के बीच फिलहाल सहमति बनने की संभावना कम है. संगठन का कहना है कि केवल बातचीत या नई घोषणाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा. उनका आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही तय करना जरूरी है. इसी कारण वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कायम हैं.
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राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में असफल रही है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता कमजोर हुई है. राहुल गांधी ने कहा कि केवल सख्त सजा का ऐलान काफी नहीं है, बल्कि उन कारणों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जिनकी वजह से बार-बार परीक्षा विवाद सामने आ रहे हैं. इस बीच सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है.