Assembly Election 2026 West Bengal Assembly Election 2026

MP के मदरसों में क्या कर रहे हिंदू बच्चे? समझिए उन्हें निकालने की मांग क्यों होने लगी

Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में हिंदू बच्चों को इस्लामी शिक्षा देने के संबंध में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि एमपी के मदरसों में हिंदू बच्चों को इस्लामी शिक्षा दी जा रही है. मैं सरकार से अपील करता हूं कि इन बच्चों को मदरसों में जाने से रोके और सामान्य स्कूल में बच्चों को भेजा जाए.

Social Media
India Daily Live

Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के मदरसों में हिंदू बच्चों को इस्लामिक शिक्षा देने का मामला सामने आया है. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने मध्य प्रदेश में चल रहे मदरसों के बारे में बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने सरकार से अपील की है कि इन मदरसों में जा रहे हिंदू बच्चों को जल्द से जल्द वहां से निकाला जाए. आइए आखिर पूरा मामला क्या है सिलसिलेवार तरीके से जानने की कोशिश करते हैं.     

NCPCR के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बताया कि इस्लामी शिक्षा देने वाले मदरसे शिक्षा का अधिकार अधिनियम या शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत नहीं आते हैं. ऐसे में इन मदरसों में पढ़ने वाले हिंदू बच्चों को सामान्य स्कूलों में भेजा जाए. उन्होंने यह भी कहा शिक्षा के लिए हिंदू बच्चों के साथ मुस्लिम बच्चों को भी सामान्य स्कूलों में भेजा जाए.

शिक्षा के अधिकार अधिनियम के दायरे से बाहर हैं मदरसे

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बताया कि मध्य प्रदेश के 1,755 पंजीकृत मदरसों में 9,417 हिंदू बच्चे जा रहे हैं. उन्हें इस्लाम धर्म की शिक्षा दी जा रही है. उन्होंने कहा कि मैं एमपी सरकार से अपील करता हूं कि इन बच्चों को मदरसों में जाने से रोका जाए और उन्हें शिक्षा के अधिकार के तहत सामान्य स्कूलों में भेजा जाए. 

मध्य प्रदेश में जिस अधिनियम के तहत मध्य प्रदेश मदरसा बोर्ड अस्तित्व में आया है जिसमें कहा गया है कि मदरसों में सिर्फ इस्लामी धार्मिक शिक्षा दी जानी चाहिए. मदरसे शिक्षा के अधिकार अधिनियम से बाहर हैं. ये  शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 1 कहती है.

शिक्षकों के पास नहीं है डिग्री

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार मदरसों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के पास न तो बीएड की डिग्री है और न ही यहां पढ़ाने वाले शिक्षकों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा पास की है.

बच्चों को शिक्षा देना सरकार का दायित्व 

NCPCR के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने कहा कि मदरसा बोर्ड को फंड देना एक तरह से गरीब बच्चों के हक का पैसा देने जैसा है. मदरसे गरीब बच्चों को शिक्षा के अधिकार से दूर रखने का काम कर रहे हैं. स्कूलों की स्थापना करना और बच्चों को पढ़ाने का काम सरकार का है. शिक्षा के अधिकार अधिनियम कानून में ये साफ-साफ लिखा है. ऐसे में हिंदू बच्चों को मदरसों में जाने से रोका जाना चाहिए.