नई दिल्ली: पिछले साल भारत के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले को एक साल बीत चुका है, लेकिन आज भी उसकी टीस मिटी नहीं है. उस हमले में अपनी जान गंवाने वाले लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के परिवार के लिए समय जैसे रुक सा गया है. लेफ्टिनेंट का परिवार ही नहीं बल्कि पूरा भारत उस मार्मिक तस्वीर को अभी तक नहीं भूल पाया है, जिसमें लेफ्टिनेंट की नवविवाहित पत्नी हाथों में चूड़ा पहने अपने बिलकुल निर्जीव सी अपने मृत पति के बगल में बैठी हुई थी. लेफ्टिनेंट विनय नौसेना अधिकारी थे और अपने देश की सेवा के लिए बिलकुल तैयार थे.
22 अप्रैल, 2025 को विनय की कश्मीर में हनीमून के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, वह सिर्फ 26 साल के थे. उसकी शादी को कुछ ही दिन हुए थे. जो एक नए जीवन की शुरुआत होनी चाहिए थी, वह उसके परिवार के लिए सब कुछ का अंत बन गया.
अपने बेटे की बरसी पर लेफ्टिनेंट के पिता राजेश नरवाल इस मौके पर बेहद भावुक नजर आए. उन्होंने अपने बेटे को याद करते हुए कहा कि, 'उस दिन के बाद सब कुछ बदल गया. हम जी रहे हैं क्योंकि हमें जीना है… लेकिन सच तो ये है कि जिस दिन हमें वो खबर मिली, उसी दिन से हमारी जिंदगी खत्म हो गई.'
उनकी आवाज ने अपने जवान बेटे को खोने का दर्द था, कभी न खत्म होने वाला दुख था. उन्होंने कहा कि 'छोटे घाव तो भर जाते हैं लेकिन ये वो जख्म है जो कभी नहीं भरेगा.'
#WATCH | April 22, 2025 Pahalgam terror attack anniversary | Karnal, Haryana: Rajesh Narwal, father of the deceased Pahalgam terror attack victim, Indian Navy Lieutenant Vinay Narwal, says, "It will be a year. I remember that moment: I was sleeping, and then I got the bad news...… pic.twitter.com/xSaL5zTNyF
— ANI (@ANI) April 22, 2026
उन्होंने उस पल को याद करते हुए कहा कि, 'मुझे आज भी वो पल याद है जब मैं सो रहा था, और तभी मुझे वह बुरी खबर मिली. उसके बाद जिंदगी वैसी नहीं रही. ऐसा लगता था कि वह वापस आ जाएगा, हालांकि मुझे पता था ऐसा नहीं हो सकता, लेकिन मेरा मन यह मानने को तैयार नहीं था. यह बहुत दर्दनाक है क्योंकि मुझे उसकी याद आती है, और यही अच्छी यादें मुझे सबसे ज्यादा सताती हैं.'
पिता ने बताया कि हमले से कुछ ही दिन पहले, नरवाल परिवार उत्सवों से भरा हुआ था. हंसी, संगीत और शादी की तैयारियों ने परिवार को एक साथ बांध रखा था. विनय की शादी 16 अप्रैल को हुई थी. कुछ ही दिनों में वह हनीमून के लिए पहलगाम रवाना हो गए थे. लेकिन परिवार को क्या पता था कि वहां जाने के बाद विनय कभी लौटकर ही नहीं आएगा.