कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो गया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार के आखिरी दिन तीखे तेवर दिखाते हुए कई बड़े वादे किए. उन्होंने सीमा सुरक्षा, घुसपैठ और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी. साथ ही मतदाताओं से बिना डर के मतदान करने की अपील की. उनके बयान ने चुनावी माहौल को और ज्यादा तीखा बना दिया है.
चुनाव प्रचार के अंतिम दिन अमित शाह ने पूर्व मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर में रैली को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि राज्य में बदलाव का समय आ गया है और मौजूदा सरकार का कार्यकाल अब समाप्त होने वाला है. शाह ने दावा किया कि चुनाव परिणाम आने के बाद राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि जनता इस बार बदलाव के लिए तैयार है और वोट के जरिए अपनी राय साफ तौर पर जाहिर करेगी.
रैली में शाह ने घुसपैठ के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने वादा किया कि सत्ता में आने के बाद घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजा जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा कि 45 दिनों के भीतर सीमा को पूरी तरह सील कर दिया जाएगा. उनके इस बयान को सुरक्षा और जनसंख्या से जुड़े मुद्दों के संदर्भ में देखा जा रहा है. उन्होंने इसे राज्य की सुरक्षा और स्थिरता के लिए जरूरी कदम बताया.
अमित शाह ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि सत्ता में आने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में कुछ तत्वों को संरक्षण मिला हुआ है, जिसे खत्म किया जाएगा. शाह ने भरोसा दिलाया कि किसी भी प्रकार की हिंसा या दबाव की राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने केंद्रीय बलों की मौजूदगी का जिक्र करते हुए कहा कि मतदाता पूरी तरह सुरक्षित हैं.
अपने संबोधन में शाह ने लोगों से निडर होकर मतदान करने की अपील की. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जिससे हर मतदाता सुरक्षित माहौल में वोट डाल सके. इसके अलावा उन्होंने भविष्य की योजनाओं का भी जिक्र किया और विकास से जुड़े वादे किए. उनके बयान से साफ संकेत मिलता है कि चुनावी मुकाबला बेहद कड़ा है और सभी दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं.