तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन की एक टिप्पणी ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है. शनिवार को बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय कमलालयम में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए कथित तौर पर उनकी मां को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणी की. बयान सामने आने के बाद कई राजनीतिक नेताओं ने इसे राजनीतिक संवाद की मर्यादा के खिलाफ बताया है.
नागेंद्रन ने कहा कि जब किसी को सदन में पिता नहीं मिल रहा हो तो उसे घर जाकर मां से पूछना चाहिए कि पिता कौन है. इस टिप्पणी को मुख्यमंत्री विजय की ओर इशारा माना जा रहा है. बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नागेंद्रन के खिलाफ डीजीपी कार्यालय में शिकायत भी दी गई है.
Nainar Nagendran @NainarBJP, you are the Tamil Nadu BJP president not a third-rate street troll. But sadly, that is exactly how you behave.
— Raavanan (@raavanamavan7) August 15, 2026
Earlier, you dragged Trisha into your filthy personal attack on Vijay and later apologised like a coward. Now you have stooped even lower…
नागेंद्रन की टिप्पणी की पृष्ठभूमि मुख्यमंत्री विजय की विधानसभा में कही गई एक ‘कुट्टी कथई’ यानी छोटी कहानी से जुड़ी बताई जा रही है. विजय ने अप्रैल 2026 के विधानसभा चुनाव में डीएमके की हार के बाद डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन पर निशाना साधते हुए यह कहानी सुनाई थी. इसमें उन्होंने एक विपक्षी नेता के ‘पिता’ के बारे में टिप्पणी की थी, जिसे स्टालिन के कोलाथुर सीट से चुनावी प्रदर्शन से जोड़कर देखा गया.
तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नयनार नागेंद्रन ने टीवीके चीफ विजय द्वारा विधानसभा में बार-बार पिताजी कहां हैं? पिताजी कहां हैं? के नारों का जवाब दिया. नयनार ने कहा, 'अगर आप विधानसभा में बार-बार ये पूछेंगे कि पिताजी कहां है? पिताजी कहा हैं?', तो हमें यह कैसे पता होगा? आपको घर जाना चाहिए और अपनी मां से पूछना चाहिए कि पिताजी कहा हैं? अपने पिता को विधानसभा में ढूंढने का कोई मतलब नहीं हैं किसी को क्या पता?
नागेंद्रन की टिप्पणी पर मंत्री ए राजमोहन ने कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने बीजेपी नेता के बयान को वरिष्ठ राजनीतिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए अनुचित और असभ्य बताया. राजमोहन के मुताबिक विजय ने पहले भी अपने सहयोगियों से अपील की थी कि उकसावे या व्यक्तिगत हमलों के बावजूद राजनीतिक भाषा में संयम बनाए रखा जाए.
बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई ने भी नागेंद्रन की टिप्पणी की आलोचना की. सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद और सरकार की नीतियों की आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी नेता के परिवार, खासकर उसकी मां को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने ऐसी भाषा को तमिलनाडु की राजनीतिक संस्कृति के लिए नुकसानदायक बताया.
अन्नामलाई ने कहा कि नेताओं को सार्वजनिक जीवन में अपने शब्दों की जिम्मेदारी समझनी चाहिए. उन्होंने नागेंद्रन की टिप्पणी को निम्न स्तर की राजनीति बताते हुए कहा कि इस तरह के व्यवहार को प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए. उनके मुताबिक राजनीतिक नेताओं को युवाओं और बच्चों के सामने ऐसा उदाहरण पेश करने से बचना चाहिए, जिससे सार्वजनिक संवाद का स्तर और खराब हो.