'भारत के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने देंगे म्यांमार की धरती', राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने PM मोदी को दिया आश्वासन

म्यांमार के राष्ट्रपति जनरल मिन आंग ह्लाइंग इस समय चार-दिवसीय भारत यात्रा पर हैं. इस दौरान उन्होंने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने आश्वासन दिया कि उनके देश की जमीन का इस्तेमाल नई दिल्ली की सुरक्षा के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा.

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Shanu Sharma

विश्व में इस समय कई देशों के बीच तनाव चल रहा है. ऐसे में भारत को अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए अपने पड़ोसियों के साथ रिश्ते मजबूत करने पड़ेंगे. इसी क्रम में म्यांमार के राष्ट्रपति जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने बड़ा बयान दिया है. शनिवार को चार दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचे ह्लाइंग ने आश्वासन दिया कि उनके देश की जमीन का इस्तेमाल नई दिल्ली की सुरक्षा के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा.

भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को ब्रीफिंग के दौरान यह बताया कि म्यांमार के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के दौरान यह आश्वासन दिया है. मिस्री ने बताया कि पीएम मोदी ने म्यांमार की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए भारत के समर्थन को दोहराया.

विदेश सचिवा ने क्या कहा?

विदेश सचिव ने बताया कि दोनों पक्षों ने अपनी सुरक्षा के हितों के खिलाफ गतिविधियों के लिए संप्रभु क्षेत्र के दुरुपयोग को रोकने के महत्व पर जोर दिया. इस दौरान म्यांमार के राष्ट्रपति ने इस आश्वासन को दोहराया कि म्यांमार की जमीन का इस्तेमाल भारत की सुरक्षा हितों के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा.

बता दें कि ह्वाइंग की इस चार-दिवसीय यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत के साथ टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, व्यापार और सुरक्षा के क्षेत्रों में मजबूत रिश्ते बनाना है . इस यात्रा के दौरान उन्होंने सोमवार को पीएम मोदी के साथ कई मुद्दों पर व्यापक चर्चा की. जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच गहरे रिश्ते स्थापित करना है.

पीएम मोदी ने शेयर किया पोस्ट

पीएम मोदी ने भी इस मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी थी. जिसमें उन्होंने बताया कि आंग ह्लाइंग के साथ उनकी सार्थक बैठक हुई. उन्होंने इस बात की सराहना की कि पिछले महीने पदभार संभालने के बाद म्यांमार के नेता की पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना गया.

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ह्वाइंग ने अपनी यात्रा की शुरुआत बोधगया से की है और इसे उन्होंने भगवान बुद्ध का आशीर्वाद प्राप्त करना बताया. उन्होंने खुद बताया कि बैठक के दौरान दोनों देशों के संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा की गई और द्विपक्षीय संबंधों पर जोर दिया गया. वहीं विदेश सचिव ने प्रेस ब्रीफिंग के  दौरान कहा कि इस यात्रा का मुख्य जोर आर्थिक जुड़ाव पर भी रहा है.