बाप ही निकला दिव्यांग बेटी के गर्भ में पल रहे बच्चे का पिता, रेप पीड़िता के DNA टेस्ट से हुआ खुलासा
पेट दर्द से पीड़ित एक बीमार 20 वर्षीय युवती को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जो पांच महीने की गर्भवती थी. चौंकाने वाली बात यह है कि भ्रूण के डीएनए का नमूना उसके पिता के डीएनए से मेल खा गया.
मुंबई: दक्षिण मुंबई के कफ परेड इलाके से एक बेहद शर्मनाक और दुखद घटना सामने आई है. यहां 50 वर्षीय एक व्यक्ति को अपनी 20 वर्षीय मानसिक रूप से विकलांग और सुनने-बोलने में असमर्थ बेटी के साथ दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
बाप ही निकला दिव्यांग बेटी के गर्भ में पल रहे बच्चे का पिता
पुलिस की जांच में पता चला कि पीड़िता पांच महीने की गर्भवती थी और DNA टेस्ट से भ्रूण का DNA उसके पिता से मैच कर गया. यह मामला सितंबर 2025 में सामने आया जब पीड़िता ने अपनी दादी को इशारों से पेट में असामान्य दर्द और 'कीड़े रेंगने' जैसी शिकायत बताई. परिवार ने उसे तुरंत कामा अस्पताल ले जाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद पुष्टि की कि युवती करीब पांच महीने की गर्भवती है.
'बेटी बचपन से ही मानसिक रूप से बीमार'
अस्पताल ने तुरंत कफ परेड पुलिस को सूचना दी. पीड़िता मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण शुरू में स्पष्ट बयान नहीं दे पाई. उसके पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी बचपन से ही मानसिक रूप से बीमार है और कोई यौन शोषण नहीं हुआ. परिवार ने शिकायत दर्ज नहीं कराने की इच्छा जताई. लेकिन पुलिस ने संवेदनशील तरीके से जांच जारी रखी.
काउंसलिंग के बाद अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की, जिसमें सहमति देने में असमर्थ महिला से बलात्कार और मानसिक-शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्ति के साथ यौन शोषण शामिल है. अपराध मार्च 21 से सितंबर 21, 2025 के बीच हुआ बताया गया.
FIR 22 सितंबर 2025 को दर्ज हुई. जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता के आसपास पहुंच रखने वाले कई लोगों से बात की. कुल 16-17 पुरुषों (परिवार के सदस्य, पड़ोसी आदि) के DNA सैंपल लिए गए और भ्रूण के DNA से तुलना की गई. 27 जनवरी 2026 को फोरेंसिक रिपोर्ट आई, जिसमें केवल पिता का DNA मैच पाया गया. इसके आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस का कहना है कि पीड़िता का कई बार शोषण हुआ था, लेकिन मुख्य दोषी उसके पिता निकला. जांच में अन्य संदिग्धों की भी भूमिका देखी जा रही है. आरोपी ने आरोपों से इनकार किया है, लेकिन सबूत मजबूत हैं. यह मामला समाज में दिव्यांग महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाता है. मामले की जांच जारी है और कानूनी कार्रवाई तेजी से हो रही है.