भीड़ घर में घुसी, बाइकें तोड़ीं, दरवाजे तक खोले, CCTV में दिखी मुर्शिदाबाद हिंसा की सच्चाई!
मुर्शिदाबाद के जंगीपुर में सुती और समशेरगंज सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए, क्योंकि वक्फ कानून के समर्थक शुक्रवार की नमाज के बाद सड़कों पर उतर आए. आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के साथ झड़प की, वाहनों को आग लगा दी और संपत्तियों में तोड़फोड़ की.
वक्फ कानून को लेकर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में फिर बवाल मचा है. शुक्रवार को भड़की हिंसा में कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने तांडव किया. ट्रेनें रोक दी गई और जमकर पथराव किए गए. भीड़ घरों में भी घुस गई. सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति हिंसाग्रस्त मुर्शिदाबाद में एक घर में घुसता हुआ दिखाई दे रहा है और भागने से पहले ईंट और रसोई के बर्तनों से एक बाइक को तोड़ता हुआ दिखाई दे रहा है.
मुर्शिदाबाद के जंगीपुर में सुती और समशेरगंज सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए, क्योंकि वक्फ कानून के समर्थक शुक्रवार की नमाज़ के बाद सड़कों पर उतर आए. आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के साथ झड़प की, वाहनों को आग लगा दी और संपत्तियों में तोड़फोड़ की.
आग की लपटें और धुआं
इलाके से प्राप्त तस्वीरों में जलते वाहनों से आग की लपटें और धुआं निकलता हुआ दिखाई दे रहा है. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, भीड़ द्वारा पत्थरबाजी और देसी बम फेंकने से कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए. एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि कुछ पुलिसकर्मियों को मजबूरन पास की मस्जिद में शरण लेनी पड़ी. अल्पसंख्यक बहुल जिले में हिंदू परिवारों के कई घरों को निशाना बनाया गया और दुकानों पर हमला किया गया.
पहले भी मचा था बवाल
प्रदर्शनकारियों ने हिंसा में फंसी एक एंबुलेंस को भी नहीं छोड़ा और उसे आग के हवाले कर दिया. एंबुलेंस में आग लगाने से पहले उसके ड्राइवर की बेरहमी से पिटाई की गई. इससे पहले भी मुर्शिदाबाद में हिंसा की घटना हुई है. तीन दिन पहले भीड़ और पुलिस के बीच टकराव देखने को मिला. इसके बाद घंटों नेशनल हाइवे को जाम रखा गया.