तौकीर रजा का भड़काऊ बयान, बोले 'हमारी मस्जिदें छीनी जा रहीं, हम अब बर्दाश्त नहीं करेंगे...' 

Ayodhya Ram Mandir: मौलाना तौकीर रजा ने कहा है कि हमारी मस्जिदें छीनी जा रही हैं, अब हम ये बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि बीजेपी और वीएचपी को हमारी मस्जिदों से दिक्कत है.

Amit Mishra

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है वैसे-वैसे बयानबाजी भी तेज हो गई है. इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा (Maulana Tauqeer Raza) ने एक बार फिर भड़काऊ दिया है. मौलाना ने कहा है कि देश में एकता और भाईचारे को कायम रखने के लिए मुसलमान कुर्बानी के लिए तैयार हैं, लेकिन मुस्लिम ही हर बार कुर्बानी करे इसके लिए अब हम तैयार नहीं है.

'बर्दाश्त नहीं करेंगे' 

मौलाना ने आगे कहा कि देश में हमारी मस्जिदें छीनी जा रही हैं, अब हम ये बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि बीजेपी और वीएचपी को हमारी मस्जिदों से दिक्कत है. उनको हमारी अजान से परेशानी है. इन्हें मुसलमानों के वजूद से ही दिक्कत है. बाबरी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं. उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद का फैसला देने वाले जज को राज्यसभा में भेजने से ये समझ आ गया कि ये पूरा फैसला पहले ही लिखा जा चुका था. 

'धार्मिक नहीं राजनीतिक कार्यक्रम' 

वहीं, राम मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम के निमंत्रण को लेकर मौलाना ने कहा कि ना मुझे राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा का न्योता आएगा और ना ही मैं उस कार्यक्रम में जाऊंगा. ऐसा इसलिए क्योंकि ये धार्मिक कार्यक्रम पूरी तरह से राजनीतिक कार्यक्रम हो गया है और इसके पीछे राजनीतिक लाभ छिपा हुआ है.


'ज्ञानवापी को लेकर दिया था बयान' 

गौरतलब है कि मौलाना ने हाल ही में बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि बाबरी में हमने सब्र कर लिया लेकिन ज्ञानवापी में नहीं करेंगे. मौलाना के इस बयान पर अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने पलटवार भी किया था और कहा था कि देश संविधान से चलेगा. ज्ञानवापी न्यायिक विषय है. इस पर किसी भी तरह का बयान देने से कोर्ट ने भी मना कर रखा है.

22 जनवरी को विराजमान होंगे रामलला

बता दें कि 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन होगा और इस दिन रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर देशभर के साधु-महात्मा के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित रहेंगे. प्राण प्रतिष्ठा को लेकर तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है.