तिहाड़ में बंद अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक के परिवार की गुहार, US Embassy से कहा- उन्हें घर वापस लाएं
तिहाड़ जेल में बंद अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक के परिवार ने अमेरिकी दूतावास से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. NIA ने उन पर UAPA के तहत आतंकी साजिश का आरोप लगाया है, जबकि परिवार ने जेल में स्वास्थ्य और अधिकारों से जुड़ी चिंताएं उठाई हैं.
नई दिल्ली: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक का मामला अब कूटनीतिक स्तर पर भी चर्चा में आ गया है. NIA ने मार्च में उन्हें छह यूक्रेनी नागरिकों के साथ गिरफ्तार किया था. एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने म्यांमार स्थित सशस्त्र समूहों को हथियार और ड्रोन युद्ध की ट्रेनिंग देने में मदद की. अब उनके परिवार ने अमेरिकी दूतावास से हस्तक्षेप कर उन्हें घर वापस लाने की अपील की है.
वैनडाइक के परिवार ने उनके सत्यापित X अकाउंट से जारी बयान में दावा किया है कि उन्हें तिहाड़ की जेल नंबर 8/9 में एकांत कारावास में रखा गया है और बुनियादी बंदी अधिकार भी नहीं मिल रहे. परिवार ने उनके स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई है. हालांकि ये आरोप परिवार के हैं और जेल प्रशासन या अदालत की ओर से इन सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है.
NIA का क्या है आरोप?
NIA के मुताबिक वैनडाइक और अन्य विदेशी नागरिक जरूरी परमिट के बिना मिजोरम पहुंचे और वहां से अवैध तरीके से म्यांमार गए. एजेंसी का आरोप है कि वहां उन्होंने जातीय सशस्त्र समूहों को हथियार चलाने और ड्रोन तकनीक से जुड़ी ट्रेनिंग दी. जांच एजेंसी ने यूरोप से ड्रोन लाने और हथियारों की आपूर्ति की कथित योजना का भी उल्लेख किया है.
Also Read
UAPA की धारा 18 में मामला
वैनडाइक के खिलाफ Unlawful Activities (Prevention) Act की धारा 18 के तहत मामला दर्ज किया गया है. यह धारा आतंकी कृत्य की साजिश, प्रयास, मदद, सलाह या उसे आगे बढ़ाने से जुड़े मामलों पर लागू होती है. NIA की जांच अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है, इसलिए एजेंसी के आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए.
परिवार ने स्वास्थ्य को लेकर क्या कहा?
परिवार का दावा है कि वैनडाइक के पैर में चोट है और उनकी नजर भी कमजोर हुई है. उनके अनुसार, उन्हें दवाइयां और परिवार से नियमित बातचीत की सुविधा नहीं मिली. परिवार ने यह भी कहा कि अदालत में एक पेशी के दौरान वह ठीक से खड़े या चल नहीं पा रहे थे और अब वकीलों से मिलने के दौरान व्हीलचेयर का इस्तेमाल करते हैं. इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं है.
जेल के खाने को लेकर भी उठाया था सवाल
जुलाई में वैनडाइक ने दिल्ली की अदालत का रुख कर तिहाड़ में अपना खाना खुद पकाने की अनुमति मांगी थी. उनका दावा था कि जेल का खाना बहुत मसालेदार और तैलीय है, जिसके कारण वह लंबे समय तक ठीक से खाना नहीं खा सके. उन्होंने करीब 14 किलो वजन कम होने की बात भी कही थी और अपनी पसंद के भोजन की अनुमति मांगी थी.
अमेरिका से मदद की अपील
परिवार के अनुसार, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मई में विदेश सचिव विक्रम मिस्री और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को वैनडाइक की स्थिति से अवगत कराया था. परिवार के सदस्यों ने जून और जुलाई में वॉशिंगटन में अमेरिकी विदेश विभाग तथा कांग्रेस के कार्यालयों से भी संपर्क किया. उनकी न्यायिक हिरासत 8 सितंबर तक बढ़ाए जाने की बात परिवार के बयान में कही गई है.
कौन हैं मैथ्यू वैनडाइक?
मैथ्यू आरोन वैनडाइक अमेरिका के बाल्टीमोर के रहने वाले हैं और Sons of Liberty International नाम के संगठन के संस्थापक हैं. 2011 के लीबिया गृहयुद्ध के दौरान वह विद्रोही समूहों के साथ जुड़े और बाद में इराक तथा सीरिया के संघर्षों में भी उनकी भूमिका रही. यूक्रेन युद्ध के दौरान भी उनके संगठन ने प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियां कीं. उनके लीबिया अनुभवों पर बनी डॉक्यूमेंट्री Point and Shoot को 2014 में ट्रिबेका फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार मिला था.
CIA से संबंध का भी रहा है दावा
वैनडाइक को कभी-कभी CIA से जुड़ा बताया गया है, लेकिन सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी में अमेरिकी खुफिया एजेंसी के साथ उनके किसी औपचारिक संबंध का प्रमाण नहीं है. वैनडाइक खुद भी CIA के लिए काम करने से इनकार कर चुके हैं. ऐसे में इस दावे को स्थापित तथ्य के तौर पर पेश करना उचित नहीं होगा.