पाकिस्तान को तगड़ा झटका, भारत ने सिंधु जल संधि पर खारिज किया 'कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' का फैसला
भारत ने सिंधु जल संधि पर 'कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' के नए फैसले को पूरी तरह खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने इस निकाय के गठन को अवैध और अपनी संप्रभुता के खिलाफ बताया.
भारत ने सिंधु जल संधि को लेकर नीदरलैंड्स स्थित 'कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' द्वारा जारी ताजा फैसले और अंतरिम उपायों को सिरे से नकार दिया है. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत इस तथाकथित अदालत की वैधता को स्वीकार नहीं करता. भारत के अनुसार, देश के संप्रभु निर्णयों और मामलों पर इस प्रकार के किसी भी अंतरराष्ट्रीय निकाय का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं बनता है.
विश्व बैंक पर संधि के उल्लंघन का आरोप
विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि इस तथाकथित कोर्ट का गठन विश्व बैंक द्वारा सिंधु जल संधि की तय शर्तों का सीधा उल्लंघन करके किया गया था. भारत ने इस गैर-कानूनी ढंग से गठित संस्था के इस फैसले को उसी तरह खारिज कर दिया है, जिस तरह उसने इसके द्वारा पहले सुनाए गए सभी फैसलों को अमान्य घोषित किया था.
भारत का अदालत में भाग लेने से इनकार
भारत ने कानून की नजर में इस संस्था के अस्तित्व को कभी मान्यता नहीं दी है. सरकार का तर्क है कि इस संस्था की स्थापना ही संधि के मूल प्रावधानों के खिलाफ थी. इसी कारण भारत कभी भी इस अदालत की कार्यवाहियों में शामिल नहीं हुआ और न ही इसके द्वारा दिए गए किसी भी पिछले फैसले या निर्देश पर कोई ध्यान दिया है.