तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा भूचाल! AIADMK के 300 से ज्यादा दिग्गजों ने छोड़ी पार्टी, विजय की TVK में हुए शामिल
तमिलनाडु की राजनीति में शनिवार को एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला. अन्नाद्रमुक (AIADMK) के पूर्व मंत्रियों और विधायकों समेत 300 से अधिक वरिष्ठ नेताओं ने चेन्नई के पास आधिकारिक तौर पर सत्तारूढ़ 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) का दामन थाम लिया.
नई दिल्ली: तमिलनाडु की विपक्षी पार्टी अन्नाद्रमुक को अब तक का सबसे तगड़ा झटका लगा है. अन्नाद्रमुक के कई कद्दावर पूर्व मंत्रियों, विधायकों और संगठनात्मक पदाधिकारियों ने पाला बदलते हुए 'तमिलगा वेट्री कझगम' की सदस्यता ग्रहण कर ली.
सत्तारूढ़ दल में शामिल होने वाले नेताओं की सूची बेहद लंबी है. इसमें अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री वेल्लामंडी नटराजन, अन्ना ट्रेड यूनियन फेडरेशन के प्रदेश सचिव कमलाक्कन्नन, माइलापुर से पूर्व विधायक नटराज और पूर्व मंत्री आनंदन शामिल हैं. इनके अलावा परमकुडी के पूर्व विधायक साधन प्रभाकर और तिरुपत्तूर के शहर सचिव डी.टी. कुमार ने भी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ टीवीके का झंडा थामकर सियासी हलचल मचा दी है.
जयललिता के दौर के अनुशासन की याद
अन्नाद्रमुक छोड़ने वाले सबसे कद्दावर चेहरों में से एक पूर्व मंत्री उडुमलाई राधाकृष्णन ने इस ऐतिहासिक टूट के पीछे की मुख्य वजहों का खुलासा किया. उन्होंने त्रिची के एन.आर. शिवपति, कदंबुर राजू, एम.सी. संपत और पनीरसेल्वम जैसे दिग्गजों के पार्टी छोड़ने की पुष्टि की. राधाकृष्णन ने भावुक होते हुए दिवंगत नेता जे. जयललिता के कार्यकाल के कड़े अनुशासन और गरिमा को याद किया. उन्होंने कहा कि 'अम्मा' के निधन के बाद पार्टी अपनी राह से पूरी तरह भटक चुकी है.
मुख्यमंत्री जोसेफ विजय में दिखी एमजीआर की झलक
राधाकृष्णन ने वर्तमान नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे पिछले पांच वर्षों से घुटन भरे माहौल में काम कर रहे थे और जनता की सेवा करने में पूरी तरह असमर्थ थे. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के प्रगतिशील नेतृत्व में आधुनिक तमिलनाडु के निर्माता एमजीआर और जयललिता के जनकल्याणकारी आदर्शों की सच्ची झलक दिखाई देती है. टीवीके में मिले मान-सम्मान और नई पहचान की बदौलत ही वे इस नए आंदोलन से जुड़ने के लिए प्रेरित हुए हैं.
महज दो साल में टीवीके की ऐतिहासिक सफलता
इस समारोह में मौजूद राज्य के कैबिनेट मंत्री सेंगोट्टैयन ने पार्टी के सफर पर प्रकाश डाला. उन्होंने गर्व से कहा कि भारतीय राजनीतिक इतिहास में शायद ही कोई ऐसा दल होगा जिसने अपने गठन के मात्र दो साल के भीतर इतनी अभूतपूर्व सफलता और लोकप्रियता हासिल की हो. सेंगोट्टैयन ने दावा किया कि तमिलनाडु की जनता ने साफ-सुथरे प्रशासन के लिए मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व को हमेशा के लिए स्वीकार कर लिया है, जिन्हें कोई भी गठबंधन कभी नहीं हरा पाएगा.
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