6 दिन की बारिश ने मणिपुर में मचाया तांडव, हजारों लोग हुए बेघर; कई घर तबाह
मणिपुर में बीते 6 दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है. राज्य के कई हिस्से भारी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं और अब तक 19,800 से ज्यादा लोग इस आपदा से प्रभावित हो चुके हैं. राहत और आपदा प्रबंधन विभाग की ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है.
Manipur Rain News: मणिपुर में बीते 6 दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है. राज्य के कई हिस्से भारी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं और अब तक 19,800 से ज्यादा लोग इस आपदा से प्रभावित हो चुके हैं. राहत और आपदा प्रबंधन विभाग की ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है.
राज्य की प्रमुख नदियां इम्फाल और इरिल कई जगहों पर अपने किनारों को तोड़ चुकी हैं, जिससे आसपास के घरों और खेतों में पानी भर गया है. मणिपुर नदी का जलस्तर हल्का कम जरूर हुआ है, लेकिन अधिकतर नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे प्रशासन की चिंता बनी हुई है.
भूस्खलन की घटनाएं
अब तक बाढ़ की वजह से 3,365 घरों को नुकसान पहुंचा है और 1,599 लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया है. 11.8 हेक्टेयर कृषि भूमि पूरी तरह तबाह हो गई है और राज्यभर में 47 भूस्खलन की घटनाएं भी दर्ज की गई हैं. हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी की मौत या लापता होने की पुष्टि नहीं हुई है.
सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 37 राहत शिविर खोले हैं, जहां बेघर हुए लोगों को अस्थायी रूप से ठहराया गया है. जल संसाधन विभाग ने बताया है कि अब बारिश की तीव्रता कुछ कम हो रही है, खासकर कांगपोकपी जैसे इलाकों में जहां सोमवार दोपहर 1 बजे तक सिर्फ 11.50 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई.
JNIMS अस्पताल में भरा पानी
राजधानी इम्फाल में स्थिति अब भी बेहद नाजुक बनी हुई है, खासकर निचले इलाकों में जहां नदी के टूटे किनारे लगातार खतरा बना रहे हैं. प्रशासन द्वारा त्वरित मरम्मत कार्य किए जा रहे हैं ताकि और पानी अंदर न घुसे. सबसे चिंताजनक स्थिति जेएनआईएमएस (Jawaharlal Nehru Institute of Medical Sciences) अस्पताल की है, जहां बाढ़ का पानी जमीन मंजिल तक घुस आया है. मरीजों को RIMS और अन्य जिला अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है. वहीं हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को खाने-पीने की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि कैंटीनें बंद हो चुकी हैं.
'हम सभी एजेंसियां...'
बचाव और राहत कार्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, भारतीय सेना, असम राइफल्स, राज्य पुलिस और स्थानीय लोग मिलकर जुटे हुए हैं. असम राइफल्स की 33वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर राधा कृष्णन ने कहा, 'हम सभी एजेंसियां मिलकर एक मजबूत योजना के तहत काम कर रहे हैं ताकि किसी भी इमरजेंसी से निपटा जा सके.' प्रशासन ने जनता से अपील की है कि अफवाहों से बचें, सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और राहत टीमों का पूरा सहयोग करें, क्योंकि राज्य में अभी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है.