TMC में दरार? बागी नेता बंगाल विधानसभा पहुंचे, आज 55 से अधिक विधायक स्पीकर को सौंप सकते हैं आवेदन

टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रता बनर्जी बंगाल विधानसभा पहुंचे. सूत्रों के मुताबिक आज 55 से अधिक विधायक आज अपना आवेदन सौंप सकते हैं.

ANI
Reepu Kumari

Mamata Banerjee Crisis: तृणमूल कांग्रेस में फूट अब खुलकर सामने आ चुकी है. निष्कासित टीएमसी विधायक ऋतब्रता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में प्रवेश कर लगभग 59 विधायकों के समर्थन का दावा किया है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि बागी गुट उन्हें विपक्ष के नए नेता (एलओपी) के रूप में पेश कर रहा है.

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रितब्रता का नाम उजागर करने और यह कहने के ठीक 15 मिनट बाद कि अध्यक्ष को बागी नेता से एक औपचारिक शिकायत मिली है, सोमवार को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए पार्टी द्वारा निष्कासित किए गए दो विधायकों में रितब्रता भी शामिल थे.

बागी खेमे का दावा

सूत्रों के अनुसार, बुधवार सुबह विधानसभा परिसर में टीएमसी के लगभग 10-12 बागी विधायक मौजूद थे. बागी खेमे का दावा है कि उनके पास 57 विधायकों का समर्थन है. यह आंकड़ा, अगर सत्यापित हो जाता है, तो 294 सदस्यीय सदन में एक अलग विधायी समूह के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए आवश्यक न्यूनतम संख्या से कहीं अधिक होगा.

हस्ताक्षर विवाद को लेकर टीएमसी में दरार

इस इस दरार की नींव काफी पहले ही रख दी गई थी. जब बनर्जी और साहा ने आरोप लगाया था कि टीएमसी के वरिष्ठ नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता चुने जाने से संबंधित दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर जाली थे. इस विवाद के चलते सीआईडी ​​ने जांच शुरू की और पार्टी के भीतर गहरी दरारें उजागर हुईं.

दोनों को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया

सोमवार को टीएमसी ने कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बनर्जी और साहा दोनों को पार्टी से निष्कासित कर दिया. पार्टी ने उन पर संगठनात्मक अनुशासन भंग करने का आरोप लगाया, जबकि दोनों नेताओं ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी को एक छोटे नेतृत्व समूह और राजनीतिक सलाहकारों ने हाईजैक कर लिया है.

विपक्ष के संभावित नेता ऋतब्रता बनर्जी

इस संकट ने बंगाल की राजनीति में शिवसेना जैसी फूट पड़ने की अटकलों को हवा दी है. पिछले कुछ दिनों की खबरों में बताया गया है कि बागी विधायकों ने कई बैठकें कीं और वे स्पीकर से संपर्क करके खुद को असली तृणमूल घोषित करवाने और मौजूदा नेतृत्व को चुनौती देने पर विचार कर रहे हैं. कुछ बागी नेताओं ने तो ऋतब्रता बनर्जी को विपक्ष के संभावित नेता के रूप में भी पेश किया है.

हालांकि, टीएमसी नेतृत्व ने विद्रोह के दावों को खारिज कर दिया है और विपक्ष के नेता के रूप में शोभनदेब चट्टोपाध्याय के प्रति अपना समर्थन दोहराया है. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर रथिंद्र बोस को पत्र लिखकर पार्टी की आधिकारिक स्थिति की पुष्टि की है.