'माहौल हमारे पक्ष में है लेकिन...', कांग्रेस संसदीय दल की मीटिंग में नसीहत दे गईं सोनिया गांधी
Sonia Gandhi: कांग्रेस सांसद और संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कहा है कि माहौल कांग्रेस के पक्ष में है लेकिन अभी बहुत मेहनत करनी होगी. उन्होंने बजट, आपदाओं और तमाम अन्य मुद्दों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर हमला भी बोला है. बता दें कि यह मीटिंग आज दिल्ली में स्थित संसद भवन में हुई जिसमें कांग्रेस के तमाम सांसद शामिल हुई. सोनिया गांधी ही कांग्रेस के संसदीय दल की अध्यक्ष हैं.
कांग्रेस संसदीय दल की मुखिया सोनिया गांधी ने अपनी पार्टी के नेताओं को नसीहत दी है कि अभी बहुत मेहनत करनी है. संसद भवन में आयोजित संसदीय दल की मीटिंग को संबोधित करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि अगर कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव की तरह ही प्रदर्शन किया तो देश की राजनीति में बड़ा बदलाव होगा. आगामी विधानसभा चुनावों के बारे में उन्होंने कहा कि माहौल कांग्रेस के पक्ष में है लेकिन एक मकसद लेकर काम करने की जरूरत है. जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रहे आतंकी हमलों, जनगणना, बजट और अन्य मुद्दों को लेकर सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर भी तीखा हमला बोला है.
इस बैठक की शुरुआत में वायनाड लैंडस्लाइड में मारे गए लोगों के लिए मौन रखा गया. साथ ही, रेल हादसों में जान गंवानों वालों के लिए शोक प्रकट किया गया. देश के बजट को लेकर सोनिया गांधी ने कहा, 'किसानों और युवाओं की बेहद जरूरी मांगों को नजरअंदाज किया गया ह.केंद्र सरकार और खासकर उसका शीर्ष नेतृत्व भ्रम में है जबकि देश के करोड़ों परिवार महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त आ चुके हैं.'
'जनगणना नहीं कराना चाहती है सरकार'
2021 में होने वाली जनगणना के लगातार टलने का जिक्र करते हुए सोनिया गांधी ने कहा, 'अब यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार का कोई इरादा नहीं है कि वह जनगणना कराए. इससे हमें यह पता ही नहीं चल पाएगा कि देश की जनसंख्या कितनी है और उसमें कितनी SC-ST हैं. इसका यह भी मतलब है कि कम से कम 12 करोड़ लोगों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 2013 जिसे अब पीएम करीब कल्याण अन्न योजना के नाम से पैकेज कर दिया गया है, के तहत फायदा नहीं मिल पाएगा.'
इस साल जिन राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं, उनका जिक्र करते हुए सोनिया गांधी ने कहा, 'कुछ महीनों में चार राज्यों में चुनाव होने हैं. हमें लोकसभा चुनाव में पैदा हुए मोमेंटम और गुडविल को बरकरार रखना ही होगा. हमें संतुष्ट या ओवर कॉन्फिडेंट नहीं होना है. माहौल हमारे पक्ष में है लेकिन हमें एक मकसद के लिए लगातार काम करना होगा. मैं कहना चाहती हूं कि अगर हमने लोकसभा चुनाव की तरह ही इन चुनावों में भी प्रदर्शन किया तो राष्ट्रीय राजनीति में कई बदलाव होंगे.'