पंकजा मुंडे की हार पर कई लोगों ने दे दी थी जान, BJP ने फिर से दे दिया टिकट, जानिए कहां लड़ेंगी चुनाव
Maharashtra Vidhan Parishad Election: लोकसभा चुनाव 2024 में हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने पंकजा मुंडे का वनवास खत्म करने का फैसला लिया है. पार्टी की ओर से महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी की गई है. इसमें पंकजा मुंडे समेत 5 प्रत्याशियों के नाम घोषित किए गए हैं. अब उनके समर्थकों में इससे खुशी है जो आम चुनाव के बाद निराश हो गए थे.
Maharashtra Vidhan Parishad Election: विधानसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र में विधान परिषद के चुनाव हो रहे हैं. इसमें पार्टियां लोकसभा चुनाव में हारे नेताओं और नाराज नेताओं को मनाने की कोशिश कर रही हैं. भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को 5 प्रत्याशियों के नाम जारी किए हैं. इसमें पंकजा मुंडे का भी नाम शामिल है. माना जा रहा है पार्टी ने उनका वनवास खत्म करने के लिए उन्हें विधान परिषद में भेजने का फैसला लिया है. अब पंकजा के समर्थकों में काफी खुशी है. वो एक दूसरे को इसके लिए लिए बधाई दे रहे हैं.
महाराष्ट्र में विधान परिषद के लिए बीजेपी ने पांच उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है. इसमें पंकजा मुंडे का नाम शामिल है. वो आम चुनाव में बीड से लोकसभा चुनाव होर गईं थी. इसके बाद से ही उनके समर्थक काफी निराश थे. कुछ लोगों ने इससे दुखी होकर आत्महत्या तक कर ली थी.
5 उम्मीदवार किए तय
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महाराष्ट्र में विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव होना है. इसके लिए 12 जुलाई को मतदान होगा. उसी दिन रिजल्ट भी घोषित हो जाएगा. इस चुनाव के लिए भाजपा ने अपने 5 प्रत्याशियों के नाम जारी कर दिए हैं. इसमें पंकजा मुंडे के अलावा योगेश तिलेकर, परिणय फुके, अमित गोरखे और सदाभाऊ खोत का नाम शामिल है.
लोकसभा में हार मिली थी
पंकजा मुंडे राज्य में प्रमुख ओबीसी चेहरा हैं. बीड उन्हें महज 6,000 वोटों के मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद से ही खबरे आ रहीं थी की पंकजा के समर्थक आत्म हत्या कर रहे हैं. जिसके बाद उन्होंने सबसे सार्वजनिक रूप से अपील की थी कि आप ये कदम ना उठाएं. मैं बिना पद के भी आपकी सेवा करती रहूंगी. चुनावी लोकतंत्र में हार जीत चलती रहती है.
साधे गए समीकरण
विधान परिषद चुनाव के लिए जारी नामों से लग रहा है बीजेपी विधानसभा चुनाव के लिए समीकरणों को ध्यान में रख रही है. विधान परिषद में पंकजा मुंडे की उम्मीदवारी कई मायनों में अहम है. ये माना जा रहा है कि बीजेपी को मराठवाड़ा क्षेत्र में मराठा आरक्षण की मांग और आंदोलन के कारण अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और मराठा समुदाय के बीच जातिगत आधार पर बड़ा ध्रुवीकरण का सामना करना पडा है.