महाराष्ट्र में बीएमसी समेत 27 नगर निगमों में किस पार्टी या गठबंधन का था शासन? महायुती का रहा है दबदबा

महाराष्ट्र के 27 नगर निगमों में बीएमसी समेत कई प्रमुख निगमों पर महायुति गठबंधन (BJP, शिंदे शिवसेना, एनसीपी) का मजबूत प्रभुत्व रहा है. अनपेक्षित जीतों और ऐतिहासिक पकड़ ने इसे शहरी क्षेत्रों में प्रमुख बनाए रखा.

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Kuldeep Sharma

मुंबई: महाराष्ट्र के नगर निगमों में बीएमसी और अन्य प्रमुख निगमों में महायुति गठबंधन की स्थिति हमेशा मजबूत रही है. BJP, शिंदे शिवसेना और एनसीपी ने पिछले चुनावों और हालिया अनपेक्षित जीतों से शहरी क्षेत्रों में अपनी पकड़ बनाई. कांग्रेस और विपक्षी गठबंधनों के लिए चुनौती यह है कि महायुति की इस मजबूत पकड़ के बीच वे नागरिकों के बीच अपनी उपस्थिति बढ़ा सकें. चुनावी माहौल में यह गठबंधन शहरी प्रशासन पर बड़ा प्रभाव रखता है.

महायुति गठबंधन की शहरी पकड़

बीएमसी समेत महाराष्ट्र के प्रमुख नगर निगमों में महायुति का प्रभुत्व रहा है. BJP और शिंदे शिवसेना ने मुंबई, पुणे, नागपुर और पिंपरी-चिंचवाड़ में निर्णायक जीत हासिल की. हाल ही में कई सीटों पर बिना मुकाबले जीत से यह संकेत मिलता है कि महायुति शहरी निगमों में अपने प्रभुत्व को बनाए रखने में सक्षम है.

ऐतिहासिक नियंत्रण का परिदृश्य

2017-2022 के चुनावों में BJP और उसके तत्कालीन शिवसेना सहयोगी ने 27 निगमों में से 15 निगमों में नियंत्रण स्थापित किया था. बीएमसी में 227 सीटों पर संयुक्त शासन था, जबकि थाने में शिवसेना का दबदबा था. पुणे, नागपुर और पिंपरी-चिंचवाड़ में BJP का प्रभुत्व रहा. कांग्रेस ने भिवंडी-निजामपुर और नांदेड़-वाघला में सत्ता रखी थी.

अनपेक्षित जीतों से बढ़ी महायुति की ताकत

हालिया अनपेक्षित जीतों में महायुति ने 64-69 सीटों पर बिना मुकाबला जीत दर्ज की. BJP ने कुल 43-44, शिंदे शिवसेना ने 22 और एनसीपी ने दो सीटें जीती. यह गठबंधन को आत्मविश्वास देता है कि वे बीएमसी और अन्य प्रमुख निगमों में अपनी सत्ता बनाए रख सकते हैं. विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के नजरिए से आलोचना की है.

नए वार्ड नियम और चुनावी रणनीति

नए नियमों के तहत कई नगर निगमों में चार-चार कॉर्पोरेटर होंगे. यह नियम बीएमसी समेत अन्य निगमों के चुनावों में रणनीति बदल सकते हैं. महायुति के लिए चुनौती यह है कि वे अपनी पारंपरिक ताकत का सही इस्तेमाल कर हर वार्ड में अपनी पकड़ मजबूत करें.

नगर निगमों पर नियंत्रण का भविष्य

27 नगर निगमों में महायुति की पकड़ शहरी प्रशासन को प्रभावित करती है. BJP और उसके सहयोगियों के लिए यह बीएमसी और अन्य निगमों में नियंत्रण बनाए रखने का अवसर है. यह गठबंधन शहरी नीति, विकास योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों में निर्णायक भूमिका निभाएगा.