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महाराष्ट्र के भंडारा में दर्दनाक हादसा, स्कूल वैन पुल से गिरी, 10 छात्र घायल

Maharashtra road accident: महाराष्ट्र के भंडारा जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब स्कूल से घर लौट रहे बच्चों की वैन पुल से नीचे गिर गई. इस हादसे में 10 छात्र घायल हो गए. बताया जा रहा है कि सड़क पर गहरे गड्ढों से बचने के प्रयास में चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिससे यह दुर्घटना हो गई.

AI
Anubhaw Mani Tripathi

Maharashtra road accident: महाराष्ट्र के भंडारा जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब स्कूल से घर लौट रहे बच्चों की वैन पुल से नीचे गिर गई. इस हादसे में 10 छात्र घायल हो गए. बताया जा रहा है कि सड़क पर गहरे गड्ढों से बचने के प्रयास में चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिससे यह दुर्घटना हो गई.

घटना भंडारा जिले के सुरेवाड़ा इलाके की है. जानकारी के अनुसार, स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चे वैन से घर जा रहे थे. रास्ते में सड़क पर कई बड़े-बड़े गड्ढे थे. चालक ने वाहन को उन गड्ढों से बचाने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान वैन असंतुलित होकर एक नीचले पुल से नीचे जा गिरी.

घायल छात्रों का उपचार किया शुरू


हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. स्थानीय लोगों ने तुरंत बच्चों को बाहर निकाला और उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में डॉक्टरों ने सभी घायल छात्रों का उपचार शुरू किया. फिलहाल सभी छात्र खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं.

जिला अस्पताल से मिले दृश्यों में देखा जा सकता है कि स्वास्थ्यकर्मी घायल बच्चों की जांच कर रहे हैं, जबकि उनके परिजन उन्हें सांत्वना देने में जुटे हैं. बच्चों के चेहरे पर दर्द और भय साफ झलक रहा है.

भंडारा जिले में लगभग 3,500 झीलें

इस हादसे ने एक बार फिर भंडारा ज़िले की सड़कों की खराब स्थिति को उजागर कर दिया है. स्थानीय निवासियों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि अधिकारियों की अनदेखी और मरम्मत कार्यों में ढिलाई के कारण ही यह हादसा हुआ है.

भंडारा जिला "झीलों का जिला" के नाम से जाना जाता है, क्योंकि यहां लगभग 3,500 झीलें हैं. हाल के दिनों में नागरिकों ने सोशल मीडिया पर व्यंग्य करते हुए कहा है कि अब सड़कों पर बने गड्ढों में भी पानी भर जाता है, जो इस जिले को “झीलों का जिला” कहे जाने का असली कारण बन गया है. स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि सड़कों की तुरंत मरम्मत की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.