Lok Sabha Elections 2024: नए चेहरे, अनुभव पर भी फोकस, खराब रिपोर्ट वाले नेताओं से किनारा; BJP ने ऐसे तय किए 195 सूरमा
Lok Sabha elections 2024: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अपने 195 प्रत्याशियों वाली पहली सूची शनिवार शाम को जारी कर दी. भाजपा की पहली लिस्ट में नए चेहरों को भी शामिल किया गया है. साथ ही अनुभव को भी वरीयता दी गयी है. साथ ही कुछ सांसदों को टिकट भी काटे गए हैं. आइए, जानते हैं कि आखिर भाजपा ने अपने 195 'सूरमाओं' के नाम कैसे तय किए?
Lok Sabha elections 2024: लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की पहली लिस्ट जारी होने से ठीक एक दिन पहले पार्टी के मुख्यालय में 6 घंटे तक मंथन का दौर चला था. जब ये खबर आ रही थी कि भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हो रही है, तो तमाम कयासों का दौर भी चलने लगा था. कयास ये लगाए जा रहे थे कि कई जगहों से नए चेहरों को मौका दिया सकता है और अटकलें थीं कि कुछ मौजूद सांसदों को भाजपा 'टाटा-टाटा, बाय-बाय' भी बोल सकती है. शनिवार शाम को जब लिस्ट जारी हुई तो हुआ भी कुछ ऐसा ही. पार्टी ने न सिर्फ नए चेहरों को मौका दिया बल्कि कई राज्यों में तो 50 फीसदी से अधिक पुराने सांसदों का टिकट भी काट दिया. आइए, जानते हैं कि आखिर भाजपा ने अपने 195 'सूरमाओं' का नाम कैसे तय किया?
भाजपा ने अपनी पहले लिस्ट में 34 नए चेहरों को मौका दिया है, यानी कि 34 मौजूदा सांसदों का टिकट भी काटा गया है. भाजपा ने अपनी पहली लिस्ट में नए चेहरों पर भरोसा जताने के साथ अनुभव को भी वरीयता दी है. हालांकि अनुभव के आधार पर जिन सांसदों को रिपीट किया गया है, उनमें अधिकतर ऐसे चेहरे हैं, जो विवादों से दूर रहकर काम करते रहते हैं. यानी पार्टी ने विवादों में रहने वाले नेताओं से दूरी बनाई है. इसके अलावा, भाजपा ने मौजूदा सांसदों के काम उनके रिपोर्ट कार्ड को भी टिकट देने का आधार बनाया है.
भाजपा ने अपने 195 प्रत्याशियों की लिस्ट में जिन लोगों को उम्मीदवार बनाया है. उनमें 34 ऐसे लोग हैं, जो सीधे तौर पर केंद्र में काबिज मोदी सरकार से जुड़े हैं. यानी ये सभी 34 लोग केंद्रीय मंत्री हैं. कहा जा रहा है कि चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नाम पर मंथन के दौरान भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने मंत्रियों के काम पर भरोसा और विश्वास जताते हुए उन्हें एक बार फिर चुनावी मैदान में उतारा है.
काम और नाम की वजह से नए चेहरों को मौका
भाजपा ने जिन नए चेहरों को मौका दिया है, उनमें बांसुरी स्वराज और आलोक वर्मा जैसे नाम शामिल हैं. कहा जा रहा है कि जिन नए चेहरों पर भरोसा जताया गया है, उनमें कुछ ऐसे नाम हैं, जो राजनीति से पहले से जुड़े रहे हैं. हालांकि ये कभी उभरकर सामने नहीं आए, लेकिन इनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने भरोसा जताया. इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी शामिल हैं. इसके अलावा पार्टी ने ऐसे चेहरे पर भी भरोसा जताया, जो पार्टी से कई साल से जुड़े हैं और जनता की सेवा करते रहे हैं. जैसे, भोपाल के मेयर आलोक शर्मा को साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की जगह मौका दिया गया है.
बड़बोले सांसदों से किया किनारा
2019 में जीत दर्ज करने वाले कुछ सांसद ऐसे भी थे, जो समय-समय पर विवादों में रहे. सांसदों के बयान से पार्टी नेतृत्व पर भी सवाल उठने लगे थे. हालांकि जब सांसदों के विवादित बोल सामने आए, जिन पर काफी बवाल हुआ, उस वक्त पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की. लेकिन जब 2024 के लिए प्रत्याशियों के नाम के ऐलान की बारी आई, तो पार्टी ने ऐसे सांसदों से किनारा करना ही बेहतर समझा.
पार्टी ने जिन बड़बोले बोल वाले सांसदों से किनारा किया है, उनमें भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा, दक्षिण दिल्ली सांसद रमेश बिधूड़ी शामिल हैं. भोपाल सांसद का नाथूराम गोड़से को लेकर दिया गया बयान विवादों में रहा था. मामला इतना उछला था कि पीएम मोदी को बयान देना पड़ा था. इसके बाद रमेश बिधूड़ी ने हाल ही में सांसद दानिश अली के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी. इसके अलावा, पश्चिमी दिल्ली से मौजूदा सांसद प्रवेश वर्मा भी अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहे थे, पार्टी ने उनसे भी किनारा किया है.
विवादों से जुड़ा नाम लेकिन काम को दी प्राथमिकता
भाजपा ने 195 प्रत्याशियों के नाम को तय करने में काम को भी ध्यान में रखा है. अटकलें थीं कि खीरी लोकसभा सीट से अजय मिश्रा 'टेनी' का टिकट कट सकता है, लेकिन शायद पार्टी ने उनके काम को आधार बनाते हुए दोबारा चुनावी मैदान में उतारा है. दरअसल, खीरी सीट से मौजूद सांसद अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र पर किसानों के समूह पर गाड़ी चढ़ाने का आरोप है. फिलहाल, मोनू मिश्रा जेल में बंद है. मामले को लेकर काफी विवाद भी हुआ था. वर्तमान किसान आंदोलन में भी किसानों की एक मांग खीरी में हुए कांड के लिए न्याय की मांग थी. लेकिन भाजपा ने सभी अटकलों को दरकिनार करते हुए मौजूदा सांसद पर भरोसा जताया.
परफॉर्मेंस को भी बनाया आधार
भाजपा ने प्रत्याशियों के चयन में उनके पिछले 5 साल के कार्यकाल के दौरान कराए गए विकास कार्यों को भी ध्यान में रखा है. कहा जा रहा है कि जिन मौजूदा सांसदों का टिकट काटा गया है, पार्टी उनके पिछले 5 सालों के कार्यकाल से संतुष्ट नहीं थी. ऐसे में पार्टी ने दोबारा उनपर भरोसा न जताना ही बेहतर समझा.
मेहनती नेताओं का सम्मान
भाजपा की पहली लिस्ट में कुछ ऐसे नाम भी शामिल हैं, जिनकी मेहनत का सम्मान करते हुए चुनावी मैदान में उतारा गया है. इनमें मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लव देव, असम के पूर्व मंत्री सर्बानंद सोनेवाल, तेलंगाना से मौजूदा सांसद बंदी संजय कुमार आदि शामिल हैं. पार्टी ने संभवत: इनकी पिछले 5 साल के कामकाज को ध्यान में रखते हुए फिर से चुनावी मैदान में उतारा है.
भाजपा की लिस्ट की खास बातें
- भाजपा की पहली सूची में 28 महिला, 27 अनुसूचित जाति, 18 अनुसूचित जनजाति और 57 अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रत्याशियों को उतारा गया है.
- भाजपा ने जिन 195 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की है, उनमें 47 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनकी उम्र 50 साल से कम है.
- भाजपा ने जिन 195 सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा की है, उनमें से 155 सीटें ऐसी हैं, जिनपर भाजपा के प्रत्याशियों ने 2019 के चुनाव में जीत दर्ज की थी.
- भाजपा की पहली लिस्ट में जिन लोकसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा की है, उनमें से 155 सीटों पर जीते हुए 20 सांसदों के टिकट कटे हैं.
- BJP की पहली लिस्ट में जिन 195 प्रत्याशियों की घोषणा की गई है, उनमें से 34 केंद्रीय मंत्री हैं.
आइए, एक बार इस लिस्ट पर नजर डालते हैं कि BJP ने 195 सांसदों की पहली लिस्ट में किन नए चेहरों पर भरोसा जताया है और किन मौजूदा सांसदों का टिकट काटा है.
असम
| संख्या | लोकसभा सीट | नए चेहरे | टिकट कटा |
| 1 | सिलचर | परिमल शुक्लाबैद्य | राजदीप रॉय |
| 2 | स्वायत्त जिला (सुरक्षित) | अमर सिंह | टिसो होरेन सिंग बे |
| 3 | गुवाहाटी | बिजुली कलिता | मेधी रानी ओझा |
| 4 | तेजपुर | रंजीत दत्ता | पल्लब लोचन दास |
| 5 | डिब्रूगढ़ | सर्बानंद सोनोवाल | रामेश्वर तेली |
छत्तीसगढ़
| 6 | जांजगीर चांपा (सुरक्षित) | कमलेश जांगड़े | गुहाराम अजगल्ले |
| 7 | रायपुर | बृजमोहन अग्रवाल | सुनील कुमार सोनी |
| 8 | महासमुंद | रूप कुमारी चौधरी | चुन्नी लाल साहू |
| 9 | कांकेर (सुरक्षित) | भोजराज नाग | मोहन मंडावी |
दिल्ली
| 10 | चांदनी चौक | प्रवीण खंडेलवाल | हर्ष वर्धन |
| 11 | पश्चिमी दिल्ली | कमलजीत सहरावत | प्रवेश साहिब सिंह वर्मा |
| 12 | नई दिल्ली | मीनाक्षी लेखी | बांसुरी स्वराज |
| 13 | दक्षिणी दिल्ली | रामवीर सिंह बिधूड़ी | रमेश बिधूड़ी |
गुजरात
| 14 | राजकोट | परषोत्तम रूपाला | मोहन कुंडारिया |
| 15 | पोरबंदर | रमेश धादुक | मनसुख मांडविया |
| 16 | अहमदाबाद पश्चिम (आरक्षित) | दिनेश मकवाना | किरीट सोलंकी |
| 17 | बनासकांठा | रेखा चौधरी | परबत पटेल |
| 18 | पंचमहाल | राजपालसिंह जाधव | रतन सिंह राठौड़ |
झारखंड
| 19 | हजारीबाग | मनीष जयसवाल | जयंत सिन्हा |
| 20 | लोहरदगा (एसटी) | समीर ओरांव | सुदर्शन भगत |
मध्य प्रदेश
| 21 | ग्वालियर | भरत सिंह कुशवाह | विवेक नारायण शेजवलकर |
| 22 | गुना | ज्योतिरादित्य सिंधिया | कृष्णपाल सिंह यादव |
| 23 | सागर | लता वानखेड़े | राजबहादुर सिंह तोमर |
| 24 | मुरैना | शिवमंगल सिंह | नरेंद्र सिंह तोमर |
| 25 | विदिशा | शिवराज सिंह चौहान | रमाकांत भार्गव |
| 26 | भोपाल | आलोक शर्मा | साध्वी प्रज्ञा सिंह |
| 27 | रतलाम (सुरक्षित) | अनीता नागर सिंह चौहान | गुमान सिंह डामोर |
राजस्थान
| 28 | चुरू | देवेंद्र झाझडि़या | राहुल कास्वां |
| 29 | भरतपुर | रामस्वरूप कोली | बहादुर सिंह कोली |
| 30 | जालौर | लूंबाराम चौधरी | देवजी पटेल |
| 31 | उदयपुर | मन्नालाल रावत | अर्जुनलाल मीणा |
| 32 | बांसवाड़ा | महेंद्रजीत मालवीय | मानशंकर निनामा |
त्रिपुरा
| 33 | त्रिपुरा पश्चिम | बिप्लब कुमार देब | प्रतिमा भौमिक |
बंगाल
| 34 | अलीपुरद्वारा (सुरक्षित) | मनोज तिग्गा | जॉन बारला |
और पढ़ें
- Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव में दिल्ली से ताल ठोकेंगे BJP के ये उम्मीदवार, इनका कट गया टिकट
- Lok Sabha Elections 2024: गौतम गंभीर ने क्यों कहा पॉलिटिक्स को 'राम राम'? लोकसभा चुनाव से पहले मोहभंग
- Lok Sabha Elections 2024: गौतम गंभीर ने क्यों कहा पॉलिटिक्स को 'राम राम'? लोकसभा चुनाव से पहले मोहभंग